
नगर सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर असहयोग के विरोध में विशेष सम्मेलन बुलाया था। जिसमें पक्ष ने लोक सभा में असहयोग पर निंदा प्रस्ताव लाया। विपक्ष ने हंगामा कर महिला आरक्षण को लागू करो के नारे लगाए।
विपक्ष ने निंदा प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर असहयोग के विरोध में बुधवार को नगर निगम में विशेष सम्मेलन बुलाया गया, जो हंगामे की भेंट चढ़ गया। निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में महापौर अमृता यादव ने निंदा प्रस्ताव रखा, जिसका सत्ता पक्ष की महिला पार्षदों ने समर्थन किया। और विपक्ष ने निंदा प्रस्ताव का विपक्ष ने पुरजोर विरोध किया।
नेता प्रतिपक्ष ने लहराए पोस्टर, पक्ष ने किया विरोध
नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर मुल्लू और विपक्ष के अन्य पार्षदों ने ‘ महिला आरक्षण बिल लागू करो ’ का पोस्टर लहराते हुए विरोध दर्ज किया। विपक्ष ने सामूहिक रूप से कहा कि बिल वर्ष 2023 में ही पारित हो चुका है। इसे तत्काल लागू करो। सदन शुरू होने से पहले भी विपक्ष ने बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
लोस में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हो सका
हंगामे के दौरान पक्ष ने कहा संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित करने लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हो सका। विपक्ष द्वारा विधेयक को पर्याप्त समर्थन न मिलने को निगम परिषद ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में असहयोग की कड़ी निंदा की। हंगामे के बावजूद, महापौर के द्वारा प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव विशेष सम्मेलन सभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
सदस्यों ने पोस्टर फाडऩे का किया विरोध
एमआईसी वरुण भावरे समेत अन्य सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष पर महिला आरक्षण बिल लागू करो का पोस्टर फाडऩे का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया। राजेश यादव, सोमनाथ काले समेत महिलाओं ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए विपक्ष की नीतियों का विरोध किया।
निंदा प्रस्ताव के समर्थन में ये पार्षद
पार्षद रोशनी गोलकर, सुनीता राठौर, मोनिका बजाज, सीमा यादव, सुवर्णा पालीवाल, स्वाति सकल्ले और रानी वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। एमआईसी सदस्य सोमनाथ काले, राजेश यादव, अनिल वर्मा, वरुण भावरे रहे।
आरक्षण लागू करो का किया समर्थन
नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर मुल्लू, पार्षद इकबाल कुरैशी, कादरी, मुमताज बी आदि पार्षद रहे।
एक घंटे पानी प्रतिदिन सप्लाई करो
विपक्ष के पार्षदों में इकबाल कुरैशी आदि ने मुद्दा उठाया कि शहर में एक दिन के अंतर की बजाए प्रतिदिन जलापूर्ति की जाए। गरीबों के पास स्टोर करने का बर्तन नहीं है। दो घंटे की बजाए एक घंटे की आपूर्ति किया जाए। लेकिन प्रतिदिन करो।
इनका कहना
महापौर : अमृता यादव
राजनीतिक भागीदारी में समान अवसर देना केवल सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर असहयोग महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की उपेक्षा है, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
निगम अध्यक्ष : अनिल विश्वकर्मा
परिषद महिला सम्मान, समान प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक अधिकारों के पक्ष में दृढ़ता से खड़ी है। महिलाओं के आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीतिक सहमति न बन पाना दुर्भाग्यपूर्ण है।