20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खंडवा
नर्सिंग कॉलेज : अस्पताल में सीखने के लिए ड्यूटी लगाने के नाम पर पांच-पांच हजार रुपए वसूल रहा कॉलेज प्रबंधन
Play video

नर्सिंग कॉलेज : अस्पताल में सीखने के लिए ड्यूटी लगाने के नाम पर पांच-पांच हजार रुपए वसूल रहा कॉलेज प्रबंधन

महालक्ष्मी कॉलेज और श्रीदादा जी नर्सिंग कॉलेज के छात्र मंगलवार को लामबंद हो गए। दोपहर एबीवीपी पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। आवेदन देकर कहा कि कॉलेज प्रबंधन मनमानी फीस वसूल रहा है। जिसकी रसीद भी नहीं दे रहा है। आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में ड्यूटी लगाने के नाम पर छात्रों से 5-5 हजार रुपए मांग की जा रही है।

Google source verification

खंडवा

image

Rajesh Patel

Nov 05, 2025

जिले में निजी नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन छात्राओं से मनमानी पैसे वसूल रहा है। छात्राएं इसके खिलाफ लामबंद होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची। अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख ने आवेदन लेकर जांच का आश्वासन दिया है।

कॉलेज प्रबंधन मनमानी वसूल रहे फीस

महालक्ष्मी कॉलेज और श्रीदादा जी नर्सिंग कॉलेज के छात्र मंगलवार को लामबंद हो गए। दोपहर एबीवीपी पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। आवेदन देकर कहा कि कॉलेज प्रबंधन मनमानी फीस वसूल रहा है। जिसकी रसीद भी नहीं दे रहा है। आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में ड्यूटी लगाने के नाम पर छात्रों से 5-5 हजार रुपए मांग की जा रही है।

प्रैक्टिकल के नाम पर छह-छह हजार मांग रहे

प्रैक्टिकल के लिए 1950 रुपए जमा कराया है। इसके बाद भी 6-6 हजार रुपए मांग रहे। अपर कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि प्रवेश के समय एससी-एसटी की फीस 20 हजार और ओबीसी की 40 हजार बताई जमा कराई गई है। शेष राशि स्कॉलरशिप से समायोजित करेंगे। अब छात्रों से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि स्कॉलरशिप नहीं आने पर शेष फीस छात्र भरेंगे।

जांच में आप को कार्यालय बुलाया जाएगा

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन के दौरान अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख ने छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान अपर कलेक्टर ने छात्रों को समझाइश दिया कि इस तरह की बात रहे तो यहां आकर बताएं। हम इसी लिए बैठे हुए हैं। ताकि समय से जांच कराई जा सके। नर्सिंग की पढ़ाई बहुत ही जिम्मेदारी का कार्य है। पढ़ाई पर ध्यान दें। भविष्य में कभी ऐसा तो तत्काल बताएं। उन्होंने जांच कराने का आश्वासन दिया है।