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रविवार को शाम करीब 7.30 बजे की घटना हैं। रामनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के चिराखदान टेकरी पर रहने वाले सुरेश लाल उर्फ बादशाह पिता लक्ष्मण (55) को चार दिन पहले पैर में चोट आई थी। हम्माली करते समय वह गिर गया था। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया था। बेटी कविता ने बताया कि पिता भर्ती होने के बाद से पिता अजीब-अजीब हरकतें करने लग गए थे। पलंग से उठकर भागने लग जाते थे, कभी कहते है कि कोई बुला रहा है। उनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा था।
लोगों ने कूदने से रोका, लेकिन नहीं माना
शाम में बादशाह वार्ड से निकलकर बाहर गलियारे में वाटर कूलर के पास आकर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद वह बालकनी की बाउंड्रीवाल पर जाकर बैठ गया। यह देख उसे लोगों ने नीचे उतरने के लिए कहा लेकिन वह नहीं उतरा। लोगों का कहना है कि हम उसे पकड़ने दौड़े, लेकिन वह कूद गया।
दिमागी हालत ठीक नहीं होने की बात आई सामने
घटना की जानकारी लगते ही अस्पताल प्रशासन और मोघट थाने से टीआइ धीरेश धारवाल पुलिसकर्मियों के साथ अस्पताल पहुंचे। चौथी मंजिल से कूदने पर बादशाह के हाथ और पैर की हड्डी टूट गई थी। साथ ही उसे सिर के साथ शरीर में अन्य जगह चोट लगी थी। उसे उपचार के लिए वार्ड में ले जाया गया। जहां कुछ देर बाद मौत हो गई। टीआइ धारवाल ने बताया कि तीन दिन से बादशाह बहकी हुई बात कर रहा था। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।