
पत्रिका अमृतम् जलम्, जल गंगा संवर्धन अभियान जिला प्रशासन, नगर निगम समेत सामाजिक संगठनों के सहयोग से आबना नदी को बचाने का प्रयास शुरू हुआ। इस दौरान सामूहिक श्रमदान कर संकल्प लिया गया कि अभियान के तहत गहरीकरण से नदी का लौटाएंगे पुराना गौरव, जल स्रोत होंगे संरक्षित करेंगे।
50 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में नदी का होगा गहरीकरण
पत्रिका की पहल पर आबना नदी घाट पर सामूहिक श्रमदान किया गया। इस अनूठे प्रयास में मानव श्रृंखला बनाकर कूड़ा-कचरा और मिट्टी के ढेर हटाए गए, जिससे तट का स्वरूप बदलने लगा। निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत ने स्वच्छता, गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 50,000 वर्गमीटर क्षेत्र में नदी तट की साफ-सफाई, गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यह प्रयास नदी को उसका पुराना गौरव लौटाने में सहायक होगा।
मानव श्रृंखला से नदी तट की शुरु हुई सफाई
किशोर समाधि स्थल के सामने नदी में सफाई के लिए मानव श्रृंखला बनाई। सफाई की शुरुआत मानव श्रृंखला से हुई। जल समिति अध्यक्ष राजेश यादव, निगम कमिश्नर प्रियंका सिंह राजावत, बाला जी ग्रुप के रितेश गोयल समेत सामाजिक संगठनों ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर एक ट्राली कचरा निकाला।
पोकलेन मशीन से गहरीकरण का कार्य शुरू
अभियान को आगे बढ़ाने पोकलेन मशीन की सहायता से नदी की सफाई, गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य शुरु किया गया। इससे यहां पर वर्षा जल संरक्षण होगा। जल स्रोतों का पुनर्जीवन एवं पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा।
जल स्रोतों को संरक्षित करने ली शपथ
घाट पर जुटे लोगों ने जल स्रोतों को संरक्षित करने शपथ ली। इस दौरान ननि आयुक्त प्रियंका राजावत ने पत्रिका अभियान अमृतम्जलम् और जल गंगा संवर्धन चर्चा करते हुए अधिकारियों, सामाजिक संगठनों को जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
सामूहिक रूप से किया श्रमदान, बोले अभियान मिशन बने
प्रदूषित से बचाएं, संरक्षित होंगी जल संरचनाएं
प्रियंका सिंह राजावत, ननि आयुक्त…पत्रिका का अभियान सराहनीय है। जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाएं संरक्षित होंगी। आबना नदी के इस तट को दर्शनीय स्थल बनाने का प्रयास करेंगे। इस क्षेत्र को जल संरक्षित का मुख्य क्षेत्र घोषित किया है। जल स्रोत का गहरीकरण करेंगे। जिससे अधिक से जल संरक्षित हो सके। सभी ने जल संरचनाओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया है।
सभी के सहयोग से संरक्षित होंगी जल संरचनाएं
राजेश यादव, अध्यक्ष, जल समिति ननि…पत्रिका अमृतम्जलम् अभियान सराहनीय कदम है। इस अभियान से निश्चित ही जल संरचनाएं संरक्षित होंगी। निगम जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्य कर रहा है। शहर की जनता बारिश के पानी को संरक्षित करने रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए। जल बचाने में सहयोग करे।
प्राकृतिक जल स्रोत को बचाएंगे
रितेश गोयल, संस्थापक, बालाजी ग्रुप…पत्रिका अमृतम्जलम् और जल गंगा संवर्धन अभियान की अनूठी पहल की है। जल ही जीवन है। पत्रिका अभियान व जल गंगा संवर्धन से जुड़करआबना नदी के प्राकृतिक जल स्रोत को बचाएंगे। बालाजी ग्रुप सभी के सहयोग से हर साल हर साल दो जल संरचनाओं को संरक्षित करने का काम करेगा।
आशीष अग्रवाल, वाइस चेयरमैन, जिला रेडक्रॉस सोसायटी…हमारे जल स्रोत और पर्यावरण स्वच्छ रहेंगे तो निश्चित हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। अभियान को मिशन बनाने की जरूरत है। इस तरह के कार्यक्रम के लिए पत्रिका समूह और निगम का धन्यवाद करता हूं। इस तरह के अभियान में जिला रेडक्रॉस समिति आगे भी अपनी सहभागिता करेगी।
जल बचाना जरूरी, नहीं तो एक-एक बूंद को तरस जाएंगे
आशा उपाध्याय, लायंस क्लब खंडवा…पत्रिका समूह जल संवर्धन का कार्य पिछले कई साल से कर रहा है। यदि हम जल संवर्धन नहीं करेंगे तो भावी पीढ़ी के लिए आक्सीजन मिलना मुश्किल होगा। बच्चे एक-एक बूंद पानी के लिए तरस जाएंगे।
इन संस्थाओं ने बढ़चढ़कर लिया हिस्सा
नगर निगम, बालाजी ग्रुप, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी जिला शाखा खंडवा, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, श्रीददादी वृद्धा आश्रम, वृक्ष मित्र, कवि कला संगम, गुड मॉर्निंग क्लब आदि सरकारी गैर सरकारी संगठनों के साथ सामाजिक संस्थाएं शामिल हुईं।