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प्रचार और उपचार का एयरलिफ्ट…तारा बाई चार्टर प्लेन से 60 मिनट में पहुंची इंदौर

जिले में पहली बार पीएमश्री एयर एंबुलेंस से एक 73 वर्षीय महिला को इंदौर में उपचार के लिए एयर लिफ्ट किया गया। महिला महज 60 मिनट में एमवाय अस्पताल में पहुंच गई । खास बात यह कि पहली बार हुए एयर एंबुलेंस के उपयोग से अस्पताल प्रशासन ने प्रक्रिया को समझ लिया। वहीं पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा का प्रचार भी हो गया। आने वाले दिनों में आपात स्थिति में अन्य मरीजों को भी एयर एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी।

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एयर एंबुलेंस से ग्राम शाहपुरा में बेटी के पास रहने वाली 73 वर्षीय ताराबाई पति बालाराम को एयरलिफ्ट किया गया। उन्हें सुबह करीब 10 बजे नागचुन हवाई पट्टी पर भोपाल से आए चार्टर प्लेन में बैठाया गया। इसके बाद एयर एंबुलेंस 1 घंटे बाद इंदौर में उतरा और यहां से ताराबाई का एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि सड़क मार्ग से 4.30 घंटे से ज्यादा का समय लगता। बता दें कि ताराबाई के रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। वह लकवाग्रस्त हो गई थी । महिला की जान को किसी तरह को जोखिम नहीं था लेकिन सावधानी बरतते हुए एयर लिफ्ट किया गया। ताराबाई को जब चार्टर प्लेन में बैठाया गया तो दोनों हाथ उठाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तो कभी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। महिला के साथ दामाद को भेजा गया है। इस दौरान महापौर अमृता यादव, विधायक पति मुकेश तनवे सहित अन्य मौजूद थे।

अस्पताल प्रशासन बोला- यह ट्रायल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मई 2024 में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की। इस सेवा को शुरू हुए 19 माह हो गए हैं। इस बीच एक बार भी इस योजना का लाभ जिले के किसी मरीज को नहीं मिली था। वर्ष 2026 शुरू हो इससे एक माह पहले ही बुजुर्ग महिला का एयरलिफ्ट कर ट्रायल कर लिया। इसके जरिए अस्पताल प्रशासन ने एयर लिफ्ट की प्रक्रिया को भी समझ लिया। बता दें की उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल का गृह जिले रीवा से सबसे अधिक मरीज एयरलिफ्ट किए गए।

आयुष्मान योजना के तहत कार्ड धारी हितग्राहियों के लिए एयर एंबुलेंस निशुल्क है। अन्य मरीजों को निर्धारित दर पर भुगतान करना होता है। मरीज के बीमारी की गंभीर प्रवृति को देखते हुए डॉक्टर द्वारा एयरलिफ्ट किए जाने की अनुशंसा की जाती है। संभाग स्तर पर सीएमएचओ की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर अनुमति देते हैं। दूसरे संभाग व राज्य के अस्पताल के लिए सीएमएचओ की अनुशंसा पर कमिश्नर द्वारा अनुमति दी जाती है।

2 लाख तक का खर्चा

एयर एंबुलेंस सुविधा में निजी विमान से खंडवा से इंदौर पहुंचने का करीब 1.78 से 2 लाख रुपए के बीच खर्चा आता है। आयुष्मान योजना के तहत महिला को एयर एंबुलेंस की नि:शुल्क सुविधा दी गई।

मरीज तारा बाई रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से कमर के नीचे का हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। इसके चलते एक दिन में एयर लिफ्ट की प्रक्रिया को पूरा कर कलेक्टर की अनुमति से महिला को एयरलिफ्ट किया है। इससे पीएमश्री एयर एंबुलेंस योजना का प्रचार प्रचार भी हो गया और बुजुर्ग महिला का उपचार भी। – डॉ. ओपी जुगतावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी