सूरजकुंड क्षेत्र में प्लेटफार्म नंबर 6 के पास नाले किनारे मकानों में वर्षों से लोग रह रहे हैं। यहां सोमवार को सुबह करीब 10 बजे से हड़कंप की िस्थति रही। रेलवे के अधिकारी आरपीएफ के साथ मकानों को तोड़ने पहुंचे थे। चर्च के पीछे के मकानों से कार्रवाई की शुरूआत की गई। जेसीबी से मकानों को तोड़ने के दौरान लोगों की भीड़ लग गई। महिलाओं ने रेलवे पुलिसकर्मियों से कहा कि यह जमीन नजूल की है, लेकिन रेलवे अधिकारी नहीं रुके। वे जेसीबी से मकानों को तोड़ते रहे। इस दौरान पार्षद संतोष सारवान भी मौके पर पहुंचे, लेकिन रेलवे ने मकानों को तोड़ना जारी रखा।
परीक्षा तक मोहलत दी गई थी
महिलाओं के साथ नेता प्रतिपक्ष राठौर और पार्षद सारवान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों की समस्या एसडीएम बजरंग बहादुर के सामने रखी। एसडीएम ने कहा कि बच्चों की परीक्षा तक मोहलत दी गई थी, अब बच्चों के पेपर खत्म हो गए हैं, इसलिए कार्रवाई शुरू की है। महिलाओं ने कहा अभी बच्चों की परीक्षा चल रही है।
एसडीएम के पकड़े पैर कहा हमारे बजरंग बली
नेता प्रतिपक्ष राठौर ने कहा कि रेलवे मनमानी कर रहा है, आज 22 मकानों को तोड़ दिया गया। नवरात्रि के त्योहार के बीच इस तरह से लोगों के घरों को तोड़कर परेशान किया जा रहा है। लोगों ने दो माह पहले बोला था की हमारी जमीन की नपती करवा दो, जो नक्शा है उसमें नजूल की जमीन को भी रेलवे अपनी बता रहा है। लोगों मल्टी में मकान में दिए जाए। इसके बाद ही हटाया जाए। मैंने बजरंग बली समझकर एसडीएम के पैर पकड़ लिए और कहा कि इन लोगो को बचाओ। इससे पहले बड़ा कब्रिस्तान रोड पर अतिक्रमण हटाया गया। रेलवे ने दो दिन में 35 मकानों को तोड़ दिया था। इस कार्रवाई को लेकर भी लोगों ने जमकर हंगामा किया था।