
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर एक बार फिर ममलेश्वर लोक बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। ममलेश्वर लोक के लिए सरकार 200 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति पहले ही दे चुका है। पूर्व में स्थानीय रहवासियों के विरोध के चलते कार्ययोजना अधर में थी। अब प्रशासन ने मंदिर विस्तार कार्ययोजना तैयार की है। इसके साथ ही जनता को भी विश्वास में लेना शुरू किया है। बुधवार को ओंकारेश्वर में कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने प्रस्तावित कार्ययोजना जनता के सामने पेश की।
पीपीटी के माध्य से समझाया
बुधवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय आगामी महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों की समीक्षा करने ओंकारेश्वर पहुंचे। महाशिवरात्रि पर ओंकारेश्वर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसी के साथ सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने नई प्रस्तावित कार्ययोजना संतों, विभिन्न संगठनों और आमजन के बीच रखी। सिंहस्थ में संभावित करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए ममलेश्वर मंदिर और ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के विस्तार की नई कार्ययोजना को तथ्यात्मक रूप से पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
5 से 6 करोड़ श्रद्धालु आएंगे सिंहस्थ में
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्क्रीन प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत प्लानिंग साझा की। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2016 में जहां 40-50 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं 2028 में यह संख्या 5 से 6 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। प्रतिदिन 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में जगह की बेहद कमी है। यहां ओंकारेश्वर मंदिर और ममलेश्वर मंदिर के परिसर का विस्तार कर ही भीड़ मैनेजमेंट किया जा सकता है। इसके लिए सडक़ों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा।
नई कार्ययोजना में आश्रम, मंदिर छोड़े
पूर्व में ममलेश्वर लोक निर्माण में मकान, दुकान सहित होटल, आश्रम, धर्मशालाएं, मंदिर भी आ रहे थे। अब ममलेश्वर मंदिर विस्तार योजना में आश्रम और मंदिरों को छोड़ा गया है। पहले ममलेश्वर लोक में 189 मकान, 184 दुकान, 7 आश्रम, 7 धर्मशाला, 5 मंदिर, 8 गेस्ट हाउस व 9 अन्य निर्माण आ रहे थे। नई ममलेश्वर विस्तार योजना में 98 मकान, 179 दुकानें, 2 होटल और 2 धर्मशालाएं प्रभावित होंगी। वहीं ओंकारेश्वर विस्तार योजना में 52 मकान, 67 दुकानें और 5 धर्मशालाएं प्रभावित होने का अनुमान है।
इन योजनाओं पर होगा काम
-ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर मंदिर परिसर का विस्तार
-गर्भगृह मार्ग और प्रमुख सडक़ों का चौड़ीकरण
-बड़े स्तर पर पार्किंग और होल्डिंग एरिया निर्माण
-यातायात व भीड़ प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था
-संभावित विस्थापन का खाका तैयार किया जाएगा