
बिहार के महापर्व छठ पूजा पर खंडवा के गणगौर घाट पर गंगा के तटों सा नजारा दिखा। शहर में निवासरत बिहारी परिवारों ने चार दिवसीय महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को गणगौर घाट पर अस्तांचल सूर्य को गंगाजल से अघ्र्य देकर पूजा की। इस दौरान घाट पर ‘कांचहि बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए,दर्शन दीहीं ना अपन ये छठी मइया… जैसे गीत गूंज उठे। चार दिवसीय पर्व का समापन मंगलवार को उदियमान सूर्य नारायण को अघ्र्य देकर महिलाएं 36 घंटे का निर्जल व्रत खोलेंगी।
छठ पूजा पर सोमवार को गणगौर घाट पर व्रती परिवारों ने गन्ने के मंडप के नीचे माता की बेदी बनाकर भक्तों ने भगवान सूर्य की आराधना की। बांस से बने डाल और सूप में प्रसाद रखकर माता की पूजा हुई। माता को ठेकुआ (आटा और गुड से बना प्रसाद), सूखा और कच्चा नारियल, बिहार से बुलाए गागल, सुतनी, छुहारा, किशमिश, काजू, पंचमेवा, सेव, केला, अनार, गन्ना, नारंगी, अमरूद, नाशपती, शकरकंद, सीताफल समेत मौसमी फल का भोग लगाया। महापर्व छठ पूजा समिति के एसजे श्रीवास्तव ने बताया घाट पर पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
एसपी, महापौर, विधायक भी हुए शामिल
छठ पूजा में महापौर अमृता अमर यादव, विधायक छाया मोरे, जिपं अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े, एपी मनोज कुमार राय पत्नी सहित, जिपं सीईओ डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा, अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा, निगमायुक्त प्रियंका राजावत भी शामिल हुईं। छठ पूजन में एसजे श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, आलोक तिवारी, केके सिंह, शंभू कुमार, अंकित सिंह, सुधीर शर्मा, संतोष शर्मा, किशोरी प्रसाद, माधव झा, नरेश माली, योगेश कुशवाह, सुभाष सिंह वसमाजजनों का सहयोग रहा। कन्हैया कुमार सिंह, अरुण मिश्रा, योगेश कुशवाहा, संतोष शर्मा, एनके शर्मा, अवधेश यादव व अन्य समाजजनों ने परिवार सहित पूजा की।