वर्षों से जर्जर खंडवा-मूंदी रोड को लेकर लगातार आंदोलन हो रहे है। नेताओं, जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार आश्वासन दिया जा रह है कि जल्द ही इसका कार्य आरंभ कराया जाएगा। हकीकत में इस रोड की फाइल दिल्ली में अटकी पड़ी है। यह रोड एशिनय डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की वित्त पोषित परियोजना में शामिल है। एडीबी ने एमपीआरडीसी के प्रस्ताव में कुछ बिंदुओं पर आपत्ति लगाकर अभिमत मांगा हुआ है। जिसके चलते इसका प्रस्ताव अब तक पास नहीं हुआ है।
32.7 किमी की लंबाई वाला खंडवा-मूंदी रोड मप्र सडक़ विकास निगम (एमपीआरडीसी) के अंतर्गत आता है। इस मार्ग के लिए एमपीआरडीसी ने 153 करोड़ का प्रस्ताव बनाया हुआ है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा इस रोड के लिए एशियन बैंक से ऋण लिया जाना है। जिसके लिए इसका प्रस्ताव एडीबी को भेजा जा चुका है। एशियन बैंक की वित्त पोषित परियोजना में शामिल इस रोड को पिछले कुछ समय से सिंहस्थ के लिए अंतरिम बजट 152 करोड़ की स्वीकृति दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। जबकि हकीकत में यह रोड राज्य सरकार के बजट का है ही नहीं। इस रोड की पूरी राशि एशियन बैंक द्वारा लोन से ली जानी है। सूत्रों के मुताबिक एमपीआरडीसी के प्रस्ताव में दो बिंदुओं पर एडीबी की आपत्ति है।
70 लाख पैचवर्क पर खर्च, फिर भी सैकड़ों गड्ढे
लंबे समय से जर्जर हाल में इस रोड के पैचवर्क के लिए एमपीआरडीसी ने 70 लाख रुपए भी पास किए। बारिश से पूर्व पैचवर्क भी कराया, जबकि हकीकत में सडक़ पर सैकड़ों गड्ढे राहगीरों को दर्द दे रहे है। यह रोड खंडवा और मांधाता विधानसभा अंतर्गत आता है, जिसमें अधिकतर भाग खंडवा विधानसभा में है। पैचवर्क के दौरान खंडवा विधायक कंचन तनवे ने इस रोड का निरीक्षण भी किया और 70 लाख के पैचवर्क में से सिर्फ 40 लाख का पैचवर्क मौके पर करना बताया गया। एमपीआरडीसी ने कागजों में पैचवर्क कर इतिश्री कर दी।
खंडवा-भोपाल को सीधा जोड़ता है रोड
खंडवा-मूंदी रोड प्रदेश की राजधानी को खंडवा जिला मुख्यालय से सीधा जोडऩे वाला एक प्रमुख मार्ग है। सिंहस्थ में भोपाल की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग प्रमुख रहेगा। इसके लिए इसे सिंहस्थ की योजनाओं में भी शामिल किया गया है। नर्मदा नगर में नर्मदा नदी पर एक नए पुल का भी निर्माण होना है। खंडवा-मूंदी व्हाया नर्मदानगर टू लेन रोड होने के बाद खंडवा भोपाल के बीच की दूरी भी कम समय में तय हो पाएगी।
कोई बजट स्वीकृत नहीं
स्टेट बजट में खंडवा-मूंदी मार्ग के लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं है। यह एशियन डेवलपमेंट बैंक का प्रोजेक्ट है। इसके लिए सांसद और विधायक दिल्ली में लगातार चर्चा कर रहे है। दिल्ली से ही इसका हल निकलेगा।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
एनओसी पर अभिमत मांगा है
एमपीआरडीसी के प्रस्ताव पर केंद्र में इसकी एनओसी मिलना बाकी है। एनओसी पर कोई अभिमत मांगा हुआ है, जिसकी जानकारी हम ले रहे है। इस मार्ग के लिए दिल्ली तक हम चर्चा कर रहे हैं। नवंबर तक इसका हल निकल जाएगा।
नारायण पटेल, विधायक मांधाता