गर्मी के पूर्व ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में हर सप्ताह किसी न किसी गांव के लोग जल संकट को लेकर पहुंच रहे है। इस मंगलवार भी ग्राम टिगरिया की महिलाओं ने जनसुनवाई में पहुंचकर गांव में पानी नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं, पंधाना मुस्लिम समाज ने वक्फ बोर्ड द्वारा बिना समाज से चर्चा कर समिति बनाए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आवेदनों पर सुनवाई कर संबंधितों को निराकरण के निर्देश दिए।
ग्राम टिगरिया से आई कस्तुरी बाई, प्रेम बाई, सुनीता, ममता, दुरपता आदि ने बताया कि वे सभी भील मोहल्ले में निवासरत है। उनके मोहल्ले में पीने का पानी नहीं आ रहा है। सरपंच, सचिव से शिकायत करने पर भी समस्या हल नहीं हो रही है। पानी के लिए दूर-दूर तक खेतों में जाना पड़ रहा है। किसान भी खेत में मोटर चलाकर पानी देने से मना कर देते है। महिलाओं ने जल संकट को दूर करने की मांग की। वहीं, पंधाना से आए मुस्लिम समाज पंचायत ने मप्र वक्फ बोर्ड द्वारा वक्फ प्रबंधन समिति का गठन बिना समाज से विचार विमर्श किए बनाए जाने का विरोध किया। एक तरफा बनी समिति को लेकर समाज में आक्रोश है। मुस्लिम समाज सकल पंच और अध्यक्ष एजाज खान ने न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।
ये आवेदन भी आए
राधाबाई निवासी ग्राम सावखेड़ा ने ग्राम पंचायत सावखेड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसे राशि नहीं मिलने की शिकायत की। सिंगोट की श्री दादाजी धाम एवेन्यू कॉलोनी निवासी ग्रामीणों ने कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न कराने की शिकायत की। जिस ग्राम पंचायत सात्री के सरपंच व अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि उनके गांव में सार्वजनिक चबूतरा या चौपाल निर्माण के लिए शासकीय भूमि की आवश्यकता है। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर केआर बड़ोले, डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।