
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में घाट तीर्थयात्रियों के लिए असुरक्षित होते जा रहे है। रविवार को यहां तीन डूबने की घटनाएं सामने आई है। जिसमें आठ तीर्थयात्रियों को तो डूबने से बचा लिया गया, लेकिन एक युवक जिसने अपने दो साथियों को डूबने से बचाया खुद पानी के बहाव में बहकर निकल गया। लापता युवक की तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ ने सर्चिंग अभियान भी चलाया, लेकिन रात होने से तलाश रोकना पड़ी है।
ओंकारेश्वर में रविवार को नर्मदा नदी के ओंकार मठ घाट पर राजस्थान से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार शाम करीब 5 से 5.30 बजे के बीच राजस्थान के पाली जिले से आए 6-7 युवक नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान दो युवक गहरे पानी मैं जाने से डूबने लगे। उन्हें डूबता देख साथ आया युवक उम्मेद उन्हें बचाने पानी में आगे बढ़ा। उम्मेद ने डूबन वालों को धक्का देकर किनारे की ओर किया, जिससे दोनों युवक बच गए । किंतु वह स्वयं तेज बहाव में बह कर डूब गया।
भाईयों के साथ आया था राजस्थान से
थाने पर घटना की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे साथियों में से उसके भाई अभिषेक मेवाड़ा ने बताया कि हम दो सगे भाई थे, बाकी सभी मौसी के लडक़े हैं। मांधाता थाना प्रभारी अनोक सिधिया ने बताया ओमकार मठ घाट पर युवक उम्मेद उर्फ चिराग पिता नाथूलाल मेवाड़ा (25) निवासी पुलिस लाइन के सामने पाली राजस्थान के डूबने की घटना हुई है। घटना के बाद से ही युवक की तलाश के लिए गोताखोरों की टीम व प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
आठ लोगों को डूबने से बचाया
राजस्थान के युवकों के साथ हुई घटना के करीब आधा घंटा पहले भी ओंकार घाट पर दो युवक डूबने से बचे। यहां नहाते समय गहरे पानी में जाने से दोनों श्रद्धालुओं को डूबते देख स्थानीय नाविकों ने बचाया। वहीं, इसके पूर्व तीर्थनगरी के चक्रतीर्थ घाट पर भी चार-पांच श्रद्धालुओं के डूबने की जानकारी सामने आ रही है। यहां भी नाविकों ने ही पांचों युवक की जान बचाई थी। तीसरी घटना में दो युवकों को बचाने वाला युवक ही डूब गया।
प्रशासन की लापरवाही : सुरक्षा नाव तक नहीं
स्थानीय नविकों दीपक, सुमित कालू और रहवासियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में प्रशासन द्वारा घोर लापरवाहीं की जा रही। लापरवाही की सजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रही है। इन घाटों पर सुरक्षा के कोई उपाय नहीं है, ना तैराक न ही सुरक्षा नाव यहां पर तैनात हैं। श्रीजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा यहां पर सुरक्षा नाव और तैनात किए जाते थे जो इस वर्ष नहीं किए गए।