मनरेगा (वीबी जी-राम-जी) योजना में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालीं जिपं अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े को न सत्ता का साथ मिला न संगठन का। इस बात को लेकर गुरुवार को वीबी जी-राम-जी योजना की जानकारी मीडिया को देने पहुंचे सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल घिरते नजर आए। उन्होंने सत्ता और संगठन का बचाव करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारे जनप्रतिनिधियों का काम है, इसमें सत्ता और संगठन उनके साथ है।
गुरुवार को भाजपा जिला कार्यालय में वीबी जी-राम-जी योजना को लेकर सांसद पाटिल ने जानकारी दी। इस दौरान जब उनसे पूछ गया कि उनकी ही जनप्रतिनिधि का भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाने पर कोई भी आगे नहीं आ रहा है। इस पर सांसद ने कहा -भ्रष्टाचार तो हुआ है, लेकिन इसके खिलाफ जांच भी शुरू हुई है। किसी की आवाज भले ही दबा दी जाए, लेकिन कागज कभी मरता नहीं है। जिसने भी भ्रष्टाचार किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। जिले में जल संरक्षण के कार्यों में गड़बड़ी को लेकर भी सांसद ने कहा कि इसकी भी जांच हो चुकी है, जांच में जो भी सामने आएगा, सरकार अपनी कार्रवाई करेगी।
योजना गरीबों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी
वीबी जी-राम-जी योजना की जानकारी देते हुए सांसद ने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए बेहद कारगर साबित होगी। जहां पहले मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार गारंटी था, वहीं अब जी-राम-जी योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों पर फोकस है, जो गांवों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा।