खंडवा.
नगर निगम सभाकक्ष के बाहर निर्दलीय पार्षद ने निगम उपयंत्री को कॉलर पकड़कर धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। घटना शुक्रवार दोपहर 3.30 बजे की है। यहां निगम मेयर इन काउंसिल की बैठक की तैयारी चल रही थी, घटना के बाद एमआइसी की बैठक भी स्थगित करना पड़ी। घटना से आक्रोशित निगमायुक्त सहित सारे अधिकारी, कर्मचारी काम छोड़कर कार्यालय से बाहर आ गए और रैली निकालकर थाने पहुंचे। मामले में पुलिस ने पार्षद के खिलाफ केस दर्ज किया। वहीं, पार्षद का कहना है कि घटना को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
शुक्रवार दोपहर को निगम सभाकक्ष में एमआइसी की बैठक की तैयारी चल रही थी। महापौर, निगमायुक्त, एमआइसी सदस्य सहित सारे अधिकारी सभाकक्ष के अंदर, बाहर मौजूद थे। इस दौरान राष्ट्रकवि रसखान वार्ड (खड़कपुरा) के निर्दलीय पार्षद शेख हाजी फरीद यहां पहुंचे। यहां निगम विद्युत विभाग प्रभारी उपयंत्री भूपेंद्रसिंह बिसेन के पास पहुंचकर पार्षद शेख फरीद ने अपने वार्ड में बिजली पोल नहीं लगाए जाने की बात पर विवाद करना शुरू कर दिया। उपयंत्री बिसेन का आरोप है कि पार्षद ने उनकी कॉलर पकड़ी और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही निगम के बाहर आने पर हाथ-पैर तोडऩे की धमकी भी दी। यहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों ने बीच बचाव किया, नहीं तो पार्षद शेख फरीद बड़ी घटना भी कारित कर सकते थे।
अधिकारी, कर्मचारियों में आक्रोश
घटना के बाद यहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान सारे अधिकारी, कर्मचारी काम छोड़कर बाहर निकल आए और कार्यालय परिसर में पार्षद के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके बाद रैली निकालकर अधिकारी, कर्मचारी व उपयंत्री बिसेन के साथ कोतवाली थाने पहुंचे। यहां आवेदन देकर पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में उपयंत्री भूपेंद्रसिंह बिसेन की शिकायत पर पार्षद शेख फरीद के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने सहित जान से मारने की धमकी देने, गाली गालौज करने का केस दर्ज किया। वहीं, मप्र नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ ने महापौर अमृता अमर यादव, निगमायुक्त नीलेश दुबे को आवेदन सौंपकर पार्षद पर कार्रवाई किए जाने और काम बंद करने का ज्ञापन भी सौंपा।
आठ माह से कर रहे परेशान
उपयंत्री बिसेन वार्ड में बिजली पोल लगाने को लेकर आठ माह से परेशान कर रहे हैं। रोज-रोज उनके चक्कर लगा रहा हूं। शुक्रवार को भी मिलने पहुंचा था। एक पार्षद के नाते आक्रोश जताया था, धमकी या शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसा कोई मामला नहीं था।
हाजी शेख फरीद, पार्षद राष्ट्रकवि रसखान वार्ड
पार्षद ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया
एमआइसी की मीटिंग की तैयारी थी, इस दौरान पार्षद ने पहुंचकर हमारे उपयंत्री को धमकाया है। उन्होंने असंसदीय भाषा का प्रयोग भी किया। उपयंत्री द्वारा शिकायत दर्ज करा दी गई है।
नीलेश दुबे, निगमायुक्त
भ्रष्टाचार को दबाने के लिए कार्रवाई
आठ माह से पार्षदों को अपनी बात रखने के लिए प्लेटफार्म नहीं मिल रहा है। साधारण सभा की बैठक हो नहीं रही। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है, ऐसे में पार्षद आक्रोश नहीं जताएंगे तो क्या चुप बैठे रहेंगे। जब हाथापाई हुई नहीं, तो फिर शासकीय कार्य में बाधा की धारा कैसे लगा दी। ऐसे तो अब हर अधिकारी, कर्मचारी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने लगेगा।
दीपक राठौर (मुल्लू) नगर निगम नेता प्रतिपक्ष