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जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत जिले की सूखी बंजर पहाडिय़ों को वर्षा जल की गागर बनाकर हराभरा किया जाएगा। मंगलवार को जल संचय जन भागीदारी के तहत गांव का पानी गांव में रोकने के उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने लोगों के साथ गेती फावड़ा उठाकर श्रमदान कर कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया।
10 हजार कंटूर ट्रेंच बनाए जाएंगे
आयोजन पंधाना विस के ग्राम घाटीखास की सूखी पहाड़ी पर हुआ। इस दौरान यहां 10 हजार कंटूर ट्रेंच बनाने के लिए श्रमदान किया गया, जो वर्षा जल को धरती में संचय करेंगे। कार्यक्रम में विधायक छाया मोरे, जिपं अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े, महापौर अमृता अमर यादव, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा काले, जिपं सदस्य मनोज भरतकर, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, सहायक कलेक्टर श्रीकृष्णा सुशीर, एसडीएम पंधाना दिनेश सावले सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
जल संग्रहण में सराहनीय कार्य
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए पंधाना विधायक छाया मोरे ने कहा कि जल संग्रहण के क्षेत्र में खंडवा जिले में पिछले वर्ष सराहनीय कार्य हुआ है। खंडवा जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी हम जल संग्रहण और जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर खंडवा जिले को देश और प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने का प्रयास करेंगे।
वर्षा की प्रत्येक बूंद को रोकने का प्रयास करेंगे
खंडवा की महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि अभियान के तहत शहर में वर्षा के जल की प्रत्येक बूंद को व्यर्थ बहने से रोकने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को देवता माना गया है और इसकी पूजा की जाती है। पानी बिना जीवन संभव नहीं है ।इसलिए पानी के महत्व को देखते हुए हम सभी को मिलकर जल संरक्षण के प्रयास करने होंगे।
वर्षा के व्यर्थ बहते जल को रोकने की आवश्यकता
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि पर्याप्त वर्षा के बावजूद ग्रीष्म ऋतु में हर वर्ष शहरीय और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है, क्योंकि वर्षा के जल को हम रोक नहीं पाते और वह व्यर्थ बहकर चला जाता है। वर्षा के व्यर्थ बहने वाले जल को रोकने की आवश्यकता है, ताकि उससे गांव और शहरों के भूजल स्तर में वृद्धि हो सके।
जेएसजेबी के तहत होंगे कार्य
जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि घाटीखास की पहाडिय़ों पर लगभग 10 हजार कंटूर ट्रेंच निर्मित की जाएगी। इसी तरह के कार्य जिले के अन्य विकासखंडों में भी कराए जाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के आसपास सडक़ों के साइड से वर्षा के व्यर्थ बहने वाले पानी को रोकने के लिए सडक़ किनारे हजारों संरचनाएं बनवाई जा रही हैं, ताकि व्यर्थ बहने वाला पानी जमीन में समाकर गांव का भूजल स्तर बढ़ा सके।