गर्मी आते ही गांवों में जल संकट भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में पानी के लिए गुहार लगाने पहुंची महिलाओं ने परिसर में बैठकर भजन किए। महिलाओं ने बताया कि ग्राम में पिछले 10 वर्षों से जल संकट व्याप्त है। गांव में कुएं, हैंडपंप है, लेकिन उनमें भी पानी नहीं है। महिलाओं ने मांग की कि नर्मदा जल लाइन से गांव में पानी दिया जाए।
जल संकट पर सरपंच, सचिव की चुप्पी
ग्राम रूधि से महिलाओं के साथ आए अधिवक्ता अरुण पटेल, बाबूलाल, सेवकराम, गीता आदि ने बताया कि गांव से नर्मदा जल लाइन निकल रही है, लेकिन उसे भी बंद कर दिया गया है। सरपंच, सचिव से जल संकट की बात कहते है तो वह भी कोई जवाब नहीं देते। बच्चों को पढ़ाई छोडकऱ माताओं के साथ पानी लेने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि रूधि में स्थाई जल स्रोत की व्यवस्था की जाए। वहीं सर्वोदय कॉलोनी की महिलाओं ने भी जनसुनवाई में आवेदन देकर कहा कि मीटर लगाकर बोरिंग को चालू किया जाए।
कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाए
शिक्षा विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों ने जनसुनवाई में पहुंचकर बताया कि उनका मानदेय शासन के आदेशानुसार नहीं दिया जा रहा है। जिसे लेकर हाईकोर्ट में रीट पिटिशन लगाई गई थी। कोर्ट ने अंशकालीन कर्मचारी के हित में निर्णय देते हुए आदेश पारित किया है। कर्मचारियों ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन कराया जाए, अन्यथा अवमानना का केस लगाने पर मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, मां नवचंडी देवीधाम महंत बाबा गंगाराम ने मेला परिसर के बाहर अवैध पार्किंग को लेकर शिकायत की। सिनेमा चौक के दुकानदारों द्वारा नगर निगम द्वारा चौक में दुकानें बनाने का विरोध करते हुए रोक लगाने की मांग की गई।