जनपद पंचायत खंडवा के वर्तमान भवन को तोडकऱ 5 करोड़ की लागत से नया भवन बनाया जाना है। गुरुवार को भवन डिस्मेंटल (तोडऩे) का ठेका नीलाम हुआ। इसके साथ ही जनपद भवन को तोडऩे का विरोध भी तेज हो गया है। भाजपा समर्थित जनपद उपाध्यक्ष सहित निर्माण समिति अध्यक्ष और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष ने भवन को तोड़े जाने का विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्टर के नाम पत्र भी लिखे हैं। पूर्व जनपद व पूर्व जिपं सदस्य ने तो भ्रष्टाचार छुपाने के लिए कार्रवाई होना बताया है।
जनपद खंडवा के भवन को तोडऩे के लिए गुरुवार जनपद सभागृह में ठेका नीलामी की कार्रवाई हुई। जपं सीईओ निकिता मंडलोई द्वारा कार्रवाई पूर्ण कराई गई। खंडवा के मेहमूद खान द्वारा 1.31 लाख रुपए की बोली लगाकर भवन तोडऩे का ठेका लिया गया। ठेका शर्त के मुताबिक ठेकेदार भवन तोडऩे के साथ ही यहां से निकले खिडक़ी, दरवाजे, टीन सहित ईट, खांडकी ले जाने के लिए अधिकृत रहेगा। पांच करोड़ की लागत से बनने वाले नए भवन के टेंडर जनपद पंचायत खंडवा द्वारा बाद में निकाले जाएंगे।
30 लाख रुपए खर्च किए भवन पर
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष व पूर्व जिपं सदस्य रणधीर कैथवास ने पूरे मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कैथवास ने बताया वर्ष 2021-22 में 15वें वित्त से जपं के परिसर के लिए 15 लाख रुपए और भवन की छत पर टीन व वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए 15 लाख रुपए की स्वीकृति हुई थी, जो ढाई साल पहले ही बने है। इसके साथ ही पिछले साल जनपद ने फर्नीचर व्यवस्था पर भी 1.29 लाख रुपए खर्च किए है। यहां छत पर 10 लाख के तो सिर्फ टीन ही लगे है, जिसे ले जाने का अधिकार भी मात्र 1.31 लाख रुपए में ठेकेदार को दिया गया है। सभी निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है।
नहाल्दा में पर्याप्त जगह, वहां बने नया भवन
वर्तमान जनपद उपाध्यक्ष मदन तिरोले ने भी भवन को तोडऩे का विरोध जताया है। उन्होंने इस मामले में कलेक्टर को भी पत्र लिखा है। मदन तिरोले ने बताया कि नहाल्दा में राजस्व की पर्याप्त जमीन है, वहां नए भवन का निर्माण कराया जा सकता है। पुराने भवन को तोडऩे का पूर्व में भी वें विरोध दर्ज करा चुके हैं। इसके लिए सभी सदस्यों ने भी असहमति जताई है।
निर्माण समिति अध्यक्ष ने लिखा, कार्य होंगे प्रभावित
इस मामले में जपं सदस्य व संचार, संकर्म व निर्माण समिति अध्यक्ष कलावती धर्मेंद्र साकल्ले ने भी भवन तोडऩे पर असहमति जताई है। उन्होंने भी कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि वर्तमान भवन अच्छी स्थिति में है और विगत दो वर्ष में इस भवन के रखरखाव मरम्मत पर 15 से 20 लाख रुपए भी खर्च किए गए है। इसे डिस्मेंटल किया जाना उचित नहीं है। नया भवन बनने में काफी समय लगेगा। आने वाले वर्षों में पंचायत चुनाव होना है, जिसमें भवन के अभाव में जनप्रतिधियों और ग्रामीणों को भवन के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही जपं के कार्य भी प्रभावित होंगे।