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नंदमोहन गोशाला में चरनोई भूमि पर गेंहू की फसल, होद में लिकेज नहीं रुकता पानी, भारी अव्यवस्थाएं

गायों के लिए बने पानी के होद में लिकेज, दो दिन का भुसा और टूटा फर्श। यह हाल नंदमोहन गोशाला है। न तो यहां गायों के लिए पीने का पर्याप्त पानी है और न ही चारा। बावजूद इसके गोशाला का संचालन हो रहा था। गोशाला की अव्यवस्था से कलेक्टर रूबरू हुए हैं। उन्होंने गोशाला का निरीक्षण कर नाराजगी प्रकट करते हुए सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी तथा विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं।

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भुख प्यास से गायों की मौत के मामले में गुरुवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने धरमपुरी के पास नंदमोहन गोशाला पहुंचे। इस दौरान गौशाला के संचालन व व्यवस्थाओं के संबंध में पूछताछ की। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला का फर्श बहुत खराब स्थिति में हैं। गौशाला संचालक आशिष बरोले ने बताया गया कि गत जून माह में ही गौशाला उन्हें हेंडओवर की गई है। पशुओं के पानी के लिए बनी होद में पानी रुकता नहीं है, पूरा पानी लीक हो जाता है। जिस पर कलेक्टर गुप्ता ने निर्माण एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री से निर्माण कार्य की विस्तृत जांच कराने तथा संबंधित उपयंत्री व सहायक यंत्री के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई भी मौजूद थे।

चारे की जगह गेहूं की फसल

गोशाला के लिए चरनोई भूमि दी गई है, जिससे गायों को चारा उपलब्ध हो, लेकिन भूमि पर चारे के स्थान पर गेहूं की फसल लहलहा रही है। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी प्रकट की। उन्होंने सख्त हिदायत दी की अब से गेहूं या सोयाबीन जैसी फसल न लगाते हुए नेपियर घास या चारे की अन्य फसलें लगाई जाए।

नियमित रूप से निरीक्षण के निर्देश

कलेक्टर ने गोशाला की अव्यवस्थाओं के संबंध में निरीक्षण व रिपोर्टिंग न करने के लिए धरमपुरी क्षेत्र के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी तथा विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. हेमन्त शाह को निर्देश दिए कि पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के माध्यम से गोशालाओं की व्यवस्थाओं का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण में जो भी कमियां या समस्याएं पाई जाएं, उनका निराकरण भी समय पर किया जाए।