खालवा के महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय में गुरुवार को हड़कंप की िस्थति रही। सुबह से लोकायुक्त पुलिस की टीम परियोजना कार्यालय के इर्द-गिर्द नजर गड़ाए हुए थी। शाम में करीब चार बजे ग्राम मोजवाड़ी निवासी सलिता पालवी पांच हजार रुपए लेकर कार्यालय पहुंची। उसने जैसे ही सुपरवाइजर अजिला मोहे के हाथ में पांच हजार रुपए दिए, घात लगाकर बैठे लोकायुक्त पुलिसकर्मी निरीक्षक प्रतिभा तोमर, निरीक्षक आशुतोष मिठास, आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, महिला आरक्षक अनिता प्रजापति ने मोह को दबोच लिया। हाथ में पांच हजार रुपए लेते ही पकड़ लिया।
नियुक्ति के 5 हजार, प्रमोट के 2 लाख
सुपरवाइजर 55 वर्षीय आरोपी अजिला पति मदन मोहे ने का रेट कार्ड फिक्स था। सहायिका के पद पर नियुक्ति देने के पांच हजार रुपए और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर प्रमोट करने के दो लाख रुपए रेट तय कर रखे थे। ग्राम मोजवाड़ी निवासी सलिता पालवी पति अजेश सिलाले से आंगनवाडी केंद्र क्रमांक 3 पर सहायिका के पद पर नियुक्त करने के 5 हजार रुपए मांगे थे। कुछ दिन बाद इसी आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता के पद पर प्रमोट करने के बदले में दो लाख देने के लिए कहा था।
घबराहट में दो गिलास पानी पिया
रिश्वत लेते ट्रैप होने पर सुपरवाइजर अजिला मोहे के होश उड़ गए। एक और रिश्वत के रुपयों से हाथ लाल हो गए वहीं दूसरी तरफ गला भी सूखने लगा। जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने उन्हें पीने के लिए पानी दिया। घबराहट में दो गिलास पानी पी लिया।
2.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी
सलिता सिलाले का कहना है कि वह आगनवाडी केंद्र -3 में पदस्थ करने के लिए परियोजना अधिकारी खालवा अजिला मोह से मिली थी। मोहे ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र 3 में सहायिका के पद पर नियुक्ति देने के 5 हजार रुपए और कुछ दिन बाद कार्यकर्ता के पद पर इसी आंगनवाड़ी में प्रमोट करने के बदले में 2 लाख रुपए मांगे थे। नियुक्ति देने के पांच हजार रुपए देने वह कार्यालय पहुंची, और ट्रैप करवा दिया।
परियोजना कार्यालय में किया ट्रैप
लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि सलिता सिलाले ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की है। शिकायत जांच करने के बाद ट्रैपदल का गठन किया गया। 26 फरवरी गुरुवार को शाम में सलिता सिलाले ने कार्यालय में सुपरवाइजर अजिला मोहे को 5 हजार रुपए दिए, दल ने रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही जारी है।