
महिला आरक्षण बिल के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष द्वारा मतदान नहीं किए जाने से भाजपा महिला मोर्चा ने रविवार को निंदा पदयात्रा का आयोजन किया। कार्यक्रम एक आम विरोध प्रदर्शन जैसा था, लेकिन एक वायरल मैसेज ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपरवाइजर्स को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं लाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद बवाल मचा और कोई कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई।
सरकारी तंत्र राजनीतिक दल के इशारे पर
इस मामले में कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने प्रशासन और भाजपा दोनों पर ही हमला बोला है। प्रतिभा रघुवंशी ने कहा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दोपहर 3 बजे काली साड़ी पहनकर बुलाने का यह आदेश कई सवाल खड़े करता है। क्या अब सरकारी तंत्र भी किसी एक राजनीतिक दल के इशारों पर काम करेगा? जिन हाथों में पोषण और सेवा की जिम्मेदारी है, उन्हें राजनीतिक रंग में रंगने की कोशिश लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। सरकारी कर्मचारी जनता की सेवा के लिए होते हैं, किसी पार्टी विशेष के कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए नहीं।