झिरन्या/ खरगोन.
वाहन दुर्घटना की शिकार हुई बेटी की मौत से आहत परिवार ने अन्य लोगों की जान बचाने के लिए सार्थक पहल की है। झिरन्या में पंवार परिवार द्वारा बेटी के तेरहवीं कार्यक्रम में आए समाजजनों व रिश्तेदारों हेलमेट बांटकर इसे उपयोग के लिए प्रेरित किया। परिवार की इस अनोखी पहल का समाज ने भी सराहना की। परिजनों का कहना था कि किसी ओर के घर का चिराग न बूझे, इस सोच के साथ हेलमेट बांटे गए। परिवार द्वारा 40 हेमलेट वितरित किए। जिन्हें उपयोग के लिए भी लोगों से अपील की गई।
चार मार्च को बेटी को खोया, तो हुआ अहसास
चार मार्च को रेखा पिता लच्छीराम पंवार (40) टांडा झिरन्या निवासी दोपहर 12 बजे सिलाई मशीन लेकर बाइक के पीछे बैठ कर खंडवा जा रही थीं। इसी दौरान ग्राम आभापुरी से आगे खंडवा मार्ग पर अचानक रास्ते में जानवर आने से रेखा का संतुलन बिगड़ गया। इसके चलते गिरने से सर पर गंभीर चोट आई। खंडवा सरकारी हॉस्पिटल लाया गया। हालत गंभीर होने से शाम को इंदौर एमवाय हॉस्पिटल के लिए रेफर किया। वहां इलाज के दौरान रविवार 5 मार्च सुबह 4 बजे रेखा का निधन हो गया। दुर्घटना के समय युवती ने हेलमेट नहीं पहना था। रेखा की तेरहवीं के कार्यक्रम में उनके परिजनों ने 40 हेलमेट बांटे। रेखा के भाई मंगलेश पंवार ने बताया मेरी बहन के सिर मे गंभीर चोट लगने से उसकी मृत्यु हो गई। रेखा ने 40 वर्ष हमारे साथ बिताए इसलिए हमने 40 हेलमेट बांटे। जिससे हेलमेट पहनकर युवक सुरक्षित बाइक चला सके। हमने तो हमारे परिवार के सदस्य को सड़क दुर्घटना में खोया एवं दुर्घटना में मृत्यु का कारण सर पर चोट लगना था। अगर रेखा ने हेलमेट पहना होता तो शायद आज वह जिंदा होती।