5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोलकाता

Durga Puja 2023 : एक दुर्गा पूजा पंडाल ऐसा भी…मासिक धर्म को बनाया थीम

कोलकाता। कोलकाता का पाथुरीघाट पंचर पल्ली (Pathurighata Pancher Palli) का पंडाल इस बार अपने थीम को लेकर सुर्ख़ियों में है। इस दुर्गा पूजा पंडाल (Durga Puja 2023) को मासिक धर्म (Menstruation) स्वच्छता की थीम को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो मासिक धर्म (Menstruation) से जुड़ी सीमाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैला रहा है।

Google source verification

कोलकाता। कोलकाता का पाथुरीघाट पंचर पल्ली (Pathurighata Pancher Palli) का पंडाल इस बार अपने थीम को लेकर सुर्ख़ियों में है। इस दुर्गा पूजा पंडाल (Durga Puja 2023) को मासिक धर्म (Menstruation) स्वच्छता की थीम को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो मासिक धर्म (Menstruation) से जुड़ी सीमाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैला रहा है। पाथुरीघाट पंचर पल्ली (Pathurighata Pancher Palli) सर्बोजनिन दुर्गोत्सव समिति की कार्यकारी अध्यक्ष एलोरा साहा ने कहा कि इस पंडाल को बनाने में तीन माह का समय लगा है और करीब 18 लाख का खर्चा आया है।

Pathurighata Pancher Palli Durga puja 2023 Pandal theme Menstruation

 

मासिक धर्म थीम पर जागरूक कर रहा पंडाल
पश्चिम बंगाल की जॉय ऑफ़ सिटी दुर्गा पूजा (Durga Puja 2023) की तैयारियों में मशगूल है। लोगों में उत्साह चरम पर है और पूरे शहर में अलग-अलग थीम पर बने पंडालों से कोलकाता जगमगाया हुआ है। इन सब पंडालों के बीच किसी एक पंडाल ने अगर सबका ध्यान खींचा तो वो है – कोलकाता के पाथुरीघाट पंचर पल्ली (Pathurighata Pancher Palli) का पंडाल जो कि मासिक धर्म (Menstruation) स्वछता की थीम पर बना हुआ है। यह पंडाल अपने आप में अनूठा है जो मासिक धर्म (Menstruation) से जुड़ी सीमाओं के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैला रहा है।


पंडाल के साथ मासिक धर्म (Menstruation) पर खुलकर बोली समिति अध्यक्ष
पाथुरीघाट पंचर पल्ली सर्बोजनिन दुर्गोत्सव (Pathuriaghata Pancher Palli Sarbojanin Durgotsab) समिति की कार्यकारी अध्यक्ष एलोरा साहा ने पंडाल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हमने इस साल की थीम का नाम ‘ऋतुमति’ रखा है जिसका अर्थ है मासिक धर्म (Menstruation) वाली महिला। इस पूजा पंडाल (Durga Puja 2023 Pandal) को लोगों के बीच मासिक धर्म (Menstruation) स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के मुद्दे को दिखाने के प्रयास में बनाया गया है। इस पंडाल को बनाने में तीन माह का समय लगा है और इसपर करीब 18 लाख रुपये का खर्च आया है। उन्होंने बताया कि पूजा का यह 84वां संस्करण है।

आगे बातचीत करते हुए एलोरा ने कहा कि दुनिया को मासिक धर्म (Menstruation) को वर्जित मानने से रोकने के लिए हमने मासिक धर्म (Menstruation) स्वच्छता का विषय चुना है। हम इसके माध्यम से यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि वह इस आइडिया को लोगों के सामने कैसे प्रस्तुत करते हैं। मासिक धर्म (Menstruation) एक सामान्य बायोलॉजिकल प्रक्रिया है और इसे किसी भी तरह के पर्दे के नीचे रखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरानी सोच को पीछे छोड़ने का यह सही समय है और इस मुद्दे पर पहला कदम आगे बढ़ाना होगा।

 

उन्होंने कहा कि मासिक धर्म (Menstruation) को लेकर हमारे सामाज में कई तरह की गलत जानकारियां हैं जिसे कई लोग आज भी मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एक महिला मासिक धर्म (Menstruation) के दौरान होती है तो उसे रसोई में जाने की अनुमति नहीं होती है। यहां तक की उसे अपने पति के साथ बिस्तर साझा करने की भी अनुमति नहीं होती है। इस दौरान महिला को घर से बाहर भी नहीं निकलने दिया जाता है। एलोरा साहा ने कहा कि लड़कियों के साथ-साथ लड़कों को भी इस बारे में सही जानकारी दी जानी चाहिए।

 

ममता बनर्जी ने वर्चुअली किया दुर्गा पंडालों (Durga Puja 2023 Pandal) का उद्घाटन
वहीं गुरूवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास से राज्य के 836 दुर्गा पूजा पंडालों (Durga Puja 2023 Pandal) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप सभी को दुर्गा पूजा (Durga Puja 2023) , काली पूजा और छठ पूजा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। पूजा के दौरान पंडालों में बहुत भीड़ होती है इसलिए पुलिस के साथ समन्वय करें।

अपनी चोट के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मेरे पैरों में चोट है, उसे ठीक होने में समय लगेगा। डॉक्टरों की सलाह पर कुछ दिन आराम करुँगी। हालाँकि ममता बनर्जी ने लोगों से 27 अक्टूबर को होने वाले पूजा कार्निवल में मिलने का आश्वासन दिया।

 

Pathurighata Pancher Palli Durga puja 2023 Pandal theme Menstruation

 

 

 

यह भी पढ़े : Durga Puja 2023: थीम आधारित पंडालों से सजी जॉय ऑफ़ सिटी, कहीं चंद्रयान तो कही ग्रामीण भारत की दिखी झलक |