
राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है। महाविद्यालय की ऐसी कोई दीवार शेष नहीं बची, जिससे प्लास्टर न उखड़ा हो और ऐसा कोई कक्षा-कक्ष नहीं बचा, जिसकी छत न टपकती हो। महाविद्यालय के भीतर के छज्जे बारिश में ढह चुके है। एनएसयूआई छात्र संगठन ने प्रतिकात्मक विरोध स्वरूप छात्रों से हेलमेट पहनाकर कक्षा में बैठाया और पढ़ाई करवाई।
जिलाध्यक्ष विशाल मेवाड़ा ने बताया कि कॉलेज में हर पल हादसे का अंदेशा बना हुआ है, लेकिन कॉलेज प्रशासन व अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। जिला प्रशासन ने एलडीसी भर्ती परीक्षा के लिए 400 छात्रों की परीक्षा के लिए महाविद्यालय को सेंटर बनाया है। इस असुरक्षित इमारत में बैठकर वे परीक्षा देंगे। बाद में कॉलेज मरम्मत को लेकर प्राचार्य को आयुक्तालय एवं जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
सेमिनार हॉल पर ताला
कॉलेज में सेमिनार हॉल पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। हादसे की आशंका को देखते हुए सेमिनार हॉल पर ताला जड़ दिया है।
पत्रिका उठा चुका मामला
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए गत 21 जुलाई को यहां खतरे के साए में खुद ’चेतावनी’ हाल ए कॉमर्स कॉलेज: छज्जे झूले, प्लास्टर गिरा, एंगल बाहर झांक रहे, बांस-बल्लियों का सहारा, मरम्मत की दरकार शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर चेता चुका है।