2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटा

Medical Science: तीन सौ ग्राम वजन के पक्षी का ऑपरेशन कर डॉली रॉड

Medical Science: कोटा.इंसानी शरीर व बड़े पशुओं के शरीर में हड्डियां टूटने पर तो रॉड डाली जाती है, लेकिन कोटा के मोखापाड़ा िस्थत बहुउद्देशीय चिकित्सालय में शिकरा नाम के छोटे से पक्षी का जटिल ऑपरेशन कर जान बचाई। चिकित्सक व सहयोगी टीम ने पक्षी का ऑपरेशन कर रॉड डाली । अस्पताल के चिकित्सक अखिलेश पांडेय ने स्टॉफ के साथ पक्षी का ऑपरेशन किया।

Google source verification

कोटा

image

Hemant Sharma

Jul 11, 2023

Medical Science: कोटा.इंसानी शरीर व बड़े पशुओं के शरीर में हड्डियां रूटने पर तो रॉड डाली जाती है, लेकिन कोटा के मोखापाड़ा िस्थत बहुउद्देशीय चिकित्सालय में शिकरा नाम के छोटे से पक्षी का जटिल ऑपरेशन कर जान बचाई। चिकित्सक व सहयोगी टीम ने पक्षी का ऑपरेशन कर रॉड डाली गई।अस्पताल के चिकित्सक अखिलेश पांडेय ने स्टॉफ के साथ पक्षी का ऑपरेशन किया।

डॉ. अखिलेश ने बताया कि पक्षी को दो व्यक्ति अस्पताल लेकर आए थे। इसका एक तरफ का पंख लटका हुआ था और वह उड़ नहीं पा रहा था। पक्षी की जांच करने पर पाया कि उसके बांए पंख की रेडियस व अल्ना नमक हड्डियां टूटी हुई थी व एक कम्पाउंड फै्रक्चर हो रहा था। बाएं पैर में इलेक्ट्रिक बर्न इंजरी है भी हो ही थी।पक्षी की िस्थति को देखकर पक्षी के पंख मे मेड्यूलरी पिनिगं (राॅड) की गई व पंख मे आवश्यक सुचर लगा इलाज किया गया। पक्षी को अभी देखरेख में रखा गया है। पक्षी लेकर आए दोनों युवक पक्षी को सौंपकर चले गए। पक्षी की देखभाल की जा रही है। देखरेख के लिए पुराने चिडियाघर भिजवाया जाएगा।

डॉ. पांडेय ने बताया कि शिकरा प्रजाति का पक्षी काफी महत्वपूर्ण होता है। वह छोटे कीट, चूहे व अन्य छोटे जीवों को खाकर इनकी संख्या को नियंत्रित करता है। पक्षी के ऑपरेशन में करीब 40 मिनट का समय लगा। पक्षी का वजन करीब 300 ग्राम व 12 सेमी लंबा है। शिकरा नामक पक्षी का इस तरह से पहली बार ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन में सत्यनारायण वर्मा, देवीलाल व ट्रेनीज सहयोगी बने।