
कोटा. कर्मचारी सहकारी समिति के अधिवेशन को संबोधित करते हुए स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ( UDH Minister Shanti Dhariwal ) ने कहा, बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) ने इस पद पर पहुंचकर हाड़ौती ही नहीं, पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है। मैं चुनाव में इनके खिलाफ प्रचार करता हूं और ये भी कोई कसर नहीं छोड़ते, लेकिन बात होती रहती है। इसी को लेकर लोग ओम-शांति की जोड़ी कहते रहते हैं। मैं पार्टी लाइन से हटकर बिरला का सम्मान करना चाहता हूं, क्योंकि उन्होंने हाड़ौती को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा, आईआईटी ( IIT ) को लेकर बात होती है कि हम नहीं बचा पाए। मैंने खूब कोशिश की, लेकिन जिसमें दम था, वह आईआईटी ले गए, लेकिन अब कुछ करने का मौका आया है। इसलिए केन्द्र सरकार कोटा में काम कराने के लिए पैसा दिलाए। स्मार्ट सिटी ( Smart City Kota ) में केन्द्र 50 प्रतिशत व राज्य और स्थानीय निकाय मिलकर 50 प्रतिशत पैसा देते हैं। आप केन्द्र का पैसा बढ़वाओ। इसके बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में जैसा चाहेंगे, वैसा काम करके दिखा देंगे। लोगों को यह विश्वास है कि बिरला पैसा दिलवा सकते हैं और धारीवाल काम करवा सकते हैं। उन्होंने चुटकी लेते यह भी कहा, बिरला सबको चक्कर दे सकते हैं, लेकिन मुझे चक्कर नहीं दे सकते। इस पर ऑडिटोरियम में ठहाके गूंज उठे। धारीवाल ने विधानसभा में हुई कार्यशाला के संबोधन की बात दोहराते हुए कहा, वे जानना चाहते हैं कि बिरला ने ऐसी कौनसी प्रक्रिया अपनाई, जो अच्छे अच्छों को पटकनी दे दी।
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तय कर रखा था आज सीधी बात हो जाए
धारीवाल ने कहा, इस कर्मचारी सहकारी समिति ( Employee Co-operative Society ) के कार्यक्रम में जब भी मुझे बुलाया तब-तब मैं आता रहा हूं। इस बार कार्यक्रम में आना तो तय था पर यह भी सोच रखा था कि लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सीधी-सीधी बात भी जाए कि किस तरह से शहर का बेहतर विकास कर सकते हैं। मेरी बिरला से बात हुई तो उन्होंने कहा, दिल्ली आएं और संबंधित मंत्री के साथ मिटिंग करेंगे कि कोटा में और क्या बेहतर किया जा सकता है।