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मानसून की विदाई पर गांधी सागर बांध के तीन गेट खोले

58 हजार क्यूसेक पानी की निकासी, 96 हजार क्यूसेक की आवक

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मध्यप्रदेश में स्थित चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधीसागर के तीन गेट शनिवार को खोले गए। गांधी सागर बांध के कैचमेंट एरिया उज्जैन क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश से बांध में 96 हजार 811 क्यूसेक पानी की लगातार आवक बनी हुई है। शनिवार सुबह 11 बजे जल आवक को देखते हुए तीन स्लूज गेट खोलकर 58 हजार 455 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई।

बांध का जलस्तर शाम पांच बजे पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट के मुकाबले 1311.30 फीट दर्ज किया गया। इस वर्ष यह दूसरा मौका है, जब गांधीसागर बांध के गेट खोले गए। इससे पहले राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज पर अलर्ट जारी किया गया। गांधी सागर के गेट खुलने से कोटा बैराज के भी तीन गेट तीन-तीन फीट खोलकर 11313 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

बस एक कदम दूर, खुल सकते हैं गेट

गांधी सागर के गेट खुलने के बाद राणा प्रताप सागर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई। बांध का जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 फीट के मुकाबले शाम साढ़े 6 बजे 1156.17 फीट दर्ज किया गया। यहां 62 हजार 178 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। रविवार तड़के तक बांध का लेवल 1157.50 फीट तक पहुंचने के बाद गेट खोले जा सकते हैं।

यदि गेट खुलते हैं तो मानसून सीजन में पहली बार बांध के गेट खुलेंगे। राणा प्रताप सागर बांध स्काडा सिस्टम नियंत्रण कक्ष पर जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता हरीश तिवारी, इरफान अंसारी नजर रखे हुए हैं। तिवारी ने बताया कि बांध का जलस्तर 1157.50 फीट पर मेंटेन करने के बाद गेट खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

विद्युत उत्पादन जारी

गांधी सागर बांध पन बिजलीघर से विद्युत उत्पादन कर 1520 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर से विद्युत उत्पादन कर 8 हजार 817 क्यूसेक और जवाहर सागर बांध से विद्युत उत्पादन कर 11 हजार 867 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। कोटा बैराज की दायीं नहर में 15, बायीं नहर में 750 क्यूसेक और गेट डिस्चार्ज 11 हजार 313 क्यूसेक जल निकास किया जा रहा है।