MHTR News: कोटा. बूंदी के बाद कोटा के लिए खुशखबरी आई। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से बुधवार को एक बाघिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में रवाना किया गया। वन विभाग की टीम ने बुधवार दोपहर 2:30 बजे फलौदी रेंज में टी-2301 को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर उसे मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया। रात 8.26 बजे मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के सेल्जर में बाघिन को छोड़ा गया।
यह बाघिन मुकुंदरा में विचरण कर रहे बाघ एमटी 5 की जोड़ीदार बनेगी। यह ऑपरेशन फील्ड डायरेक्टर, रणथंभौर टाइगर रिजर्व के निर्देशन एवं डब्ल्यूआईआई के एक्सपर्ट, पशु चिकित्सक तथा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की टीम ने किया। अर्से से बाघिन लाने की मांग उठ रही थी।
नया घर बसाएंगे
मुकुंदरा रिजर्व के कार्यवाहक मुख्य वन संरक्षक बीजो जॉय ने बताया कि बाघिन को सेल्ज़र क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। नवंबर 22 में बाघ एमटी- 5 को रणथम्भौर से लाकर मुकुन्दरा में शिफ्ट किया गया था।
ये रहे मौजूद
सेल्जर में बाघिन को छोड़ने के दौरान पशु चिकित्सक एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी के नेतृत्व में मॉनिटरिंग किया जा रहा है। ट्रांसलोकेशन ऑपरेशन के दौरान डॉ. पराग निगम, डीएफओ रणथंभौर एवं उनकी टीम, संजीव शर्मा, अभिषेक भटनागर, राजशेखर और मुकुंदरा की टीम मौजूद रही।
गैर पर्यटन इलाके में रहने से शर्मिली है बाघिन
रणथंभौर के नेचर गाइड शाकिर अली के अनुसार, बाघिन टी2301 बाघिन टी114 की पहली संतान है। पिता बाघ टी-108 है। मां की मौत गत वर्ष दिसंबर में हो गई थी। बाघिन का जन्म फरवरी 2021 में हुआ था। इस बाघिन का बसेरा देवपुरा बांध फलौदी डोलड़ा गांव, डागरवाड़ा वन क्षेत्र बना हुआ था। गैर पर्यटन क्षेत्र की बाघिन होने के कारण यह काफी शर्मीली है।
टाइगर रिजर्व का बाघनामा
– टाइगर री-इंट्रोडक्शन प्लान के तहत 3 अप्रेल 2018 को रणथंभौर से रामगढ़ में आए बाघ टी-91 को मुकुन्दरा में छोड़ा गया था। इसे एमटी-1 क्रमांक दिया गया।
– 19 दिसम्बर 2018 को रणथंभौर से बाघिन टी-106 को लाकर मुकुन्दरा में छोड़ा था। इसे एमटी-2 क्रमांक दिया गया था।
– 9 फरवरी 2019 को रणथंभौर से निकला बाघ टी-98 मुकुन्दरा में कैमरा ट्रेप हुआ था सुल्तानपुर के रास्ते कालीसिंध के नेचुरल कोरिडोर से होते हुए मुकुन्दरा के घाटी माता मंदिर क्षेत्र पहुंचा था। इसे एमटी-3 नाम दिया था।
12 अप्रेल 2019 को बाघिन टी-83 को रणथंभौर से ट्रांसलोकेट कर मुकुन्दरा लाए। इसे एमटी-4 नाम दिया।
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3 नवंबर 2022 को रणथंभोर से एक और बाघ को लाया गया जिसे बाद में बाघ mt5 क्रमांक दिया गया ।बात अभी मुकुंदरा में विचरण कर रहा है
इसी वर्ष हुई बाघिन एमटी-4 की मौत
करीब 4 माह पहले 4 मई को टाइग्रेस एमटी 4 की मौत हो गई थी इसके बाद से ही टाइगर रिजर्व में एकमात्र बाघ एमटी5 अकेला रह गया था। बाघ की जोड़ी बनाने के लिए लंबे समय से टाइग्रेस को लाकर मुकुंदरा में शिफ्ट करने की मांग उठ रही थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद प्रक्रिया के तहत बुधवार रणथंभौर से बाघिन कोर्ट ट्रेंकुलाइज कर मुकुंदरा के लिए रवाना किया गया। अब मुकुंदरा में बाघों की संख्या 2 हो गई।