उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल नदी के पुनर्विकास और नाइट सफारी की स्थापना की योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “50 साल पहले यह कुकरैल नदी हुआ करती थी, लेकिन 1984 के बाद भू-माफियाओं ने इसे पाटना शुरू किया और परिणामस्वरूप जो कभी नदी थी, वह नाला बन गई। इसकी वजह से गोमती नदी भी प्रदूषित हो गई और काली हो गई।”
कुकरैल क्षेत्र का विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सरकार ने कुकरैल क्षेत्र को विकसित करने का निर्णय लिया है। लखनऊ में आने वाले पर्यटकों और प्रदेशवासियों के लिए इस क्षेत्र में नाइट सफारी की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पुनर्विकास को भी प्राथमिकता देना है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुकरैल क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाकर जिन लोगों ने यहां अवैध रूप से रजिस्ट्री की थी, उन्हें आवास उपलब्ध कराए गए हैं। जो लोग जमीन के धंधे में शामिल होकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे थे और भू-माफिया बनकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इन पर FIR दर्ज कराई गई है और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने आज इसे खाली करवाया है।
भू-माफियाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि सरकार भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, “जो लोग पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें कानून के दायरे में लाया गया है।”
कुकरैल नदी के पुनर्विकास और नाइट सफारी की स्थापना से लखनऊ का पर्यावरण बेहतर होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से लखनऊ के विकास को नई दिशा मिलेगी।