मंडला @ पत्रिका. शनिवार को स्थानीय सिंहवाहिनी वार्ड नाव घाट में मुस्कान वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित मुस्कान पुनर्वास केंद्र में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान ही केंद्र के दो बच्चे अनाया पटेल और अर्चित कोरी का जन्म दिवस भी मनाया गया। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंडला संजय कृष्ण जोशी, सचिव लीगल एड दयाराम कुम्हरे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडला ज्योति डोंगरे शर्मा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी फातिमा अली, जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका ठाकुर ने मुस्कान पुनर्वास केंद्र का दौरा कर यहां थेरेपी ले रहे बच्चों व उनके अभिभावकों से मिलकर संस्था के कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
मुस्कान वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त सचिव डॉ राशि पटेल ने बताया कि यहां स्पेशल बच्चों के लिए थेरेपी होती है। इसमें फिजियोथेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, सेंसर इंटीग्रेशन, इ बी ए थेरेपी शामिल है। यह थेरेपी उन बच्चों की होती है जो चल नहीं सकते, बोल नहीं सकते, उनके यहां इलाज किया जाता है। 5 फरवरी 2022 से शुरू हुए इस केंद्र में अभी 55 बच्चों के उपचार की क्षमता है। यदि इससे ज्यादा बच्चे होते हैं तो जो बच्चे आते नहीं है उनकी जगह पर हम दूसरे को टाइम स्लॉट अलॉट करते हैं। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी फातिमा अली ने कहा कि पुनर्वास केंद्र एक बहुत ही पुनीत कार्य कर रहा हैं। न्यायपालिका, पुलिस और शासन आप सबके साथ है।
केन्द्र में मिलती है नि:शुल्क सेवा
सोसाइटी के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज फगवानी ने मुस्कान पुनर्वास केंद्र का भ्रमण कराकर यहां दिए जा रहे उपचार की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंडला में यह अपनी तरह का अनोखा पुनर्वास केंद्र है, जो विशेष बच्चों की जरूरतों को देखते हुए बनाया गया है। यह सेंटर पूर्णत: नि:शुल्क अपनी सेवा दे रहा है। इसमें ऑक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथैरेपी, स्पेशल एजुकेशन और स्पीच थेरेपी के विशेषज्ञ जरूरतमंद बच्चों का उपचार कर रहे है। इस पुनर्वास केंद्र में बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक उपचार कर सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार किया जाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि मैंने अपनी बेटी का दर्द समझने के बाद मैंने यह महसूस किया यह ऐसे बच्चों का इलाज बहुत महंगा होता है। इतना महंगा इलाज करा पाना सभी अभिभावकों के लिए संभव नहीं हो पता। इस वजह से ऐसे बच्चों को लोग अपेक्षा की नजर से देखने लगते हैं। इसलिए हमारी कोशिश है कि ऐसे बच्चों को लोग यहां लेकर आए और हम यहां पर थेरेपी करवाए ताकि बच्चों का बेहतर उपचार हो सके। हमारी कोशिश है कि की जैसे-जैसे हमारी सेंटर का विकास होगा और हमारे पास फंड की और बेहतर व्यवस्था होगी हम इसका और बड़े स्तर पर विस्तार करेंगे ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को हम उपचार दे सके।