मऊ. जिले में घाघरा नदी खतरा निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। घाघरा नदी के बाढ़ में हजारों एकड़ फसल पुरी तरह से जलमग्न हो गयी है। साथ ही तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कटान के कारण कृषि योग्य भूमि को बाढ में बह जा रही है। इसी सब का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के वन व पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने जिलाधिकारी के साथ बाढ प्रभावित इलाकों का दौरा कर निरीक्षण किया। जिसमें डीेएम सहित सिचाई विभाग को संख्त निर्देश दिया कि बाढ़ से जनता का नुकसान नहीं होना चाहिए।
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दरअसल जिले में घाघरा नदी खतरा निशान को पार कर 23 सेन्टीमीटर ऊपर तक पहुच गयी हैं। जिससे जिले के दोहरीघाट ब्लाक और मधुबन ब्लाक के क्षेत्रों में कटान तेज हो गयी हैं। इसके साथ ही किसान की हजारों एकड़ गन्ना, धान आदि की फसल बाढ से जलमग्न हो गयी है। साथ ही बाढ में कृषि योग्य भूमि भी घाघरा नदी में वीलिन हो रही है। कटान रोकने की सारी कवायदें तेज कर दी गयी हैं। कटान रोकने के लिए बोल्डर आदि सामान लगाये जा रहे हैं।
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इसी सब का जायजा लेने के लिए वन व पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान दौरा कर बाढ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। मंत्री ने कहा कि बाढ रोकने के लिए जो कवायदें की जा रही हैं उसे पुरी ईमानदारी के साथ किया जाये। बाढ प्रभावित किसानों ने कहा कि बाढ में हजारों एकङ फसल जलमग्न हो गयी हैं। मंत्री ने दौरा कर अधिकारीयों को निर्देश जारी किये हैं। डीएम ने कहा कि घाघरा नदी खतरा निशान से उपर बह रही हैं। इसके मद्देनजर सभी अधिकारीयों और कर्मचारीयों को पुरी तरह से मुश्तैद और सतर्क कर दिया गया है।