मिर्ज़ापुर. प्रदेश सरकार तमाम पुराने धरोहरों को सहेजने और पर्यटन के विकास का दावा कर रही हो मगर प्राचीन धरोहर उपेक्षा के कारण बदहाल है। यही हाल विंध्याचल में स्थित हजारों हजारों वर्ष पूर्व नागवंशी राजा द्वारा बनाये गये नाग कुंड का है। यह प्रशासनिक उपेक्षा के चलते कूड़ा खाना बनता चला जा रहा है।
जिस की दयनीय दशा को देखते हुए अब हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने इसकी साफ़-सफ़ाई कर उसे पुराने स्वरूप में लाने कि पहल किया है। दर्जनों कि संख्या में कार्यकर्ताओं कुंड कि साफ सफाई किया। विंध्य पर्वत अपने आप में ही रहस्यों का सबसे बड़ा केंद्र रहा है।विंध्याचल मंदिर से कुछ ही स्थिति नाग कुंड के बारे में कहा जाता है की पाताल लोक जाने का मार्ग इसी कुंड में से होकर जाता है।प्राचीन काल में पम्पापुर नागवंशीय राजाओं की राजधानी थी जो कि आप विंध्याचल के रूप में जाना जाता है इतिहासकार बताते हैं कि अब से ढाई हजार वर्ष पूर्व यहां नाग वंशीय राजाओं का राज्य था। माता विंध्यवासिनी नागवंशीय राजाओं की कुल देवी के रूप में पूजी जाती थी। कंतिक के भैरो मंदिर के पास स्थित नाग कुण्ड के बारे में कहा जाता है कि यहां से पाताल लोग जाने का रास्ता है और इसी रास्ते से नाग वंशीय आते जाते थे। पाताल लोक जाने वाले इसी मार्ग को नागकुंड के नाम से जाना है।बावन पुराण में भी इस बात का जिक्र है कि नागवंशी राजा दानव राज ने इस कुंड का निर्माण करवाया गया था। पुराण के अनुसार नागवंशी राजा को 52 रानियां थीं।
उन्हीं के स्नान के लिए राजा ने इस कुंड का निर्माण करवाया गया था। नाग पंचमी पर इस कुण्ड पर विशाल मेला लगता है। इस कुंड के बारे में पुराणों में भी जिक्र है। ऐतिहासिक स्थान होने के बाद भी जिले का पर्यटन विभाग इसकी लगातार उपेक्षा करता रहा है।रख रखाव के अभाव के कारण कुंड का पानी पहले ही सुख चुका है। जबकि इस कुंड के पानी को स्थानीय लोग स्नान करने और पीने के काम मे लाते थे।पानी खत्म होने के बाद जब यहां लोगों का आना जाना बंद हुआ तो चारो तरफ घास और झाड़ियां उग गयी।इसके साथ ही स्थानीय लोग कुंड को कुंडादान बना कर उसमे उसके आस पास कूड़ा फेकना शुरू कर दिया।धीरे धीरे यह ऐतिहासिक कुंड अतिक्रमण का भी शिकार होने लगा।बार बार प्रसाशन से गुहार लगाने के बाद जब कुछ नहीं हुआ तो कुंड की साफ-सफाई का बीड़ा निजी संगठनों ने उठाया। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस है और इसी दिन नाग पंचमी का त्योहार भी पड़ रहा है।कुंड के पास विशाल मेला लगता है।उसे देखते हुए कुंड को साफ सुथरा करके इसे पुराना रूप दे देंगे के लिए घंटो तक दर्जनो लोगो ने साफ सफाई का अभियान चलाया। इन दौरान अध्यक्ष रोहित त्रिपाठी,प्रभाकर दुबे,अमित,निमेश, आकाश,शशांक सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
By- Suresh Singh