नागौर. शहर के मध्य में स्थित प्रतापसागर तालाब पार्क को हेरिटेज लुक दिए जाने के प्रयास पर सवालिया निशान लग गया है। लाखों की राशि व्यय होने के बाद भी न केवल यह पार्क पूरा अव्यवस्थित हो गया है, बल्कि यहां पर बिखरी गंदगी, ईटें, पत्थरों के टुकड़ों के साथ जली, बढ़ी हुई घास की तस्वीर को बदरंग करती नजर आने लगी हैं। इसके चलते पार्क में होने वाली भीड़ अब गुम नजर आने लगी है। देखभाल एवं समुचित सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में अब बेहाल पार्क की हालत से स्थिति विकट होने लगी है।। विशेष बात यह है कि पार्क से सटे तालाब में सीवरेज का पानी जाने के कारण पूरे पार्क में दुर्गन्ध बनी रहती है।
पार्क में बैठे कहां, यहां तो गंदगी है
नया दरवाजा हनुमान मंदिर एवं बड़लेश्वर महादेव मंदिर के रास्ते से पार्क में प्रवेश करने पर सीधा सामना इधर, उधर फैली गंदगी से होता है। यहां पार्क के चारों फैली गंदगी एवं किनारों में बिखरा गंदा कचरा साफ नजर आता है। कई जगहों पर स्थिति इतनी खराब है कि बैठना ही मुश्किल हो गया है। इससे आगे बढऩे पर पार्क में भी हर ओर गंदगी का राज नजर आता है।
पार्क में जलती घास, सूखते पौधे
पार्क में प्रवेश करने पर चारों ओर से आड़े-तिरछे अंदाज में कई जगहों पर देखभाल के अभाव में सूखी हुई घास नजर आती है। घास भी काफी बढ़ी हुई है। कई जगहों पर घास इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि इसमें जहरीले कीड़े आकर बैठ भी जाएं तो फिर लोगों को इसका पता नहीं चलेगा। इसके किनारों पर कंटीली यानि की कांटेदार झाडिय़ां मिल जाती है। यह कंटीली झाडिय़ां कई बार टहलने वालों का रास्ता भी रोकती है। इसके साथ ही यहां पर लगे पौधे पूरी तरह से जले हुए साफ मिल जाते हैं।
फव्वारा भी नहीं लगाया गया, ऐसे ही छोड़ दिया
पार्क के बिलकुल बीच में फव्वारा लगाने के लिए सीमेंटेड ढांचा तो खड़ा किया गया,लेकिन इसमें आज तक फव्वारा नहीं लगाया गया। फव्वारे के लिए बने ढांचे के अंदर एवं इसके किनारों पर भी जमा गंदगी की वजह से यह पूरा पार्क बदरंग नजर आने लगा है।
इनका कहना है…
पार्क की वस्तुस्थिति के लिए जल्द ही अवलोकन कराकर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। निकाय स्तर पर पार्कों की बेहतर व्यवस्था के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
रामरतन चौधरी, आयुक्त, नगरपरिषद नागौर