नागौर. नगरसेठ बंशीवाला मंदिर में डांडिया की खनक के साथ जमकर फूल बरसे। भजनों की बहती सरिता के साथ ही फूलों की बारिश से नगरसेठ बंशीवाला का दरबार सजा नजर आया। इस दौरान एक से बढकऱ एक भजनों की प्रस्तुतियां की गई। भजनों की प्रस्तुतियों के दौरान बंशीवाला मंदिर परिसर में श्रद्धालु आस्था के रंग में डूबे रहे। गूंजते भजनों की आवाज सुनकर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो फिर हर ओर बंशीवाला के जयकारों के स्वर गूंजते रहे। करीब एक से डेढ़ घंटे तक भजनों की हुई प्रस्तुतियों के दौरान बंशीवाला का फूलों से किया गया शृंगार आस्था का केन्द्र बना रहा। भजन की प्रस्तुतियों के पश्चात हुए डांडिया उत्सव में डंडियों की खनक से डांडिया करते लोग सरोबार रहे। डांडिया के दौरान मंदिर परिसर में गर्भगृह के सामने का पूरा हाल भरा रहा।
बंशीवाला मंदिर में कार्यक्रम रात्रि नौ बजे के बाद शुरू हुआ। शुरुआत बंशीवाला के अर्चन से की गई। इसके पश्चात बैठी भजन मंडली ने भजन की प्रस्तुतियां करनी शुरू की तो थोड़ी ही देर में पूरा माहौल ही बदल गया। भजन मंडली में शामिल दोनो ही लाइनों में बैठे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर आधारित भजनों की शृंखलाएं प्रस्तुत की। हरमोनियम की धुन पर गूंजते भगवान के भजनों से पसिर भजनमय बना रहा। भजनों में भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति, वंदना, बाललीला आदि का गान किया गया। भजनों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंगे रहे। भजनों के कार्यक्रम का समापन भी भगवान श्रीकृष्ण की वंदना से हुआ। इसके पश्चात हुए डांडिया उत्सव में हर कोई शामिल नजर आया। पूरे परिसर में केवल डांडिया के डांडों की खनक के साथ भक्ति के भजन गूंजते रहे। डांडिया में थिरकते श्रद्धालुओं के डांडे की खनक से माहौल डांडियामय रहा। अलग-अलग वेशभूषा के साथ ही पारंपरिक परिधानों में हो रहे डांडिया में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनी रही। देर रात्रि तक चले डांडिया उत्सव में पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया। उत्सव में दर्शक के तौर पर शामिल हुए श्रद्धालुओं के कदम भी डांडिया के अंदाज में थिरकते नजर आए।