
नागौर. शहर में रविवार सुबह भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रा में 2000 से अधिक लोगों ने कावड़ लेकर करीब तीन किलोमीटर का रास्ता तय किया। शहर से सटे चैनार गांव के शक्कर तालाब से सुबह 8 बजे कावड़ यात्रा को संतों ने शंखनाद करके रवाना किया, जो विजय वल्लभ चौक, दिल्ली दरवाजा, गांधी चौक होते हुए शिवबाड़ीशानेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां कावडि़यों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर नागौर व देश की खुशहाली व भाईचारे की कामना की। कावड़ यात्रा में 4 वर्ष के बालक से लेकर 80 वर्ष की आयु तक के बुजुर्गों ने भी भाग लिया। कावड़ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी बड़ी संख्या में देखने को मिली, जो कावड़ थामने के साथ भगवान शंकर के भजन गाते हुए चल रही थी।
कावड यात्रा में बाहुबली हनुमान एवं शंकर भगवान की भस्म आरती की सजीव झांकियां लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं, वहीं शिव दरबार एवं राम दरबार की सजीव झांकियां भी शामिल हुईं। कावड़ यात्रा के स्वागत के लिए तीन किलोमीटर के रास्ते में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं व्यापारियों की ओर से करीब 50 स्वागत द्वार बनाए, जहां कावडिय़ों का स्वागत किया गया। कावड़ यात्रा के लिए विशेष रूप से पुष्कर से 21 क्विंटल पुष्प मंगवाए गए। श्री लिखमीदास जी गो सेवा समिति की ओर से 6 जेसीबी व क्रेन की सहायता से पुष्प वर्षा की गई।