
नागौर. जिला मुख्यालय के केन्द्रीय बस स्टैंड के पास के हालात खुलेआम पूर्व में उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय बस स्टैंड से मूण्डवा चौराहा तक अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहन जहां-तहां मनमर्जी से खड़े रहते हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार जिले भर में प्राइवेट बस संचालकों की मनमनर्जी के कारण आए दिन यातायात व्यवस्था में भी प्रतिकूल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्रीय बस स्टैंड के पास ही स्थित मूण्डवा चौराहा से लेकर विजयवल्लब चौराहा तक खड़े होने वाले प्राइवेट बसों की संख्या तीन दर्जन से ज्यादा रहती है। प्रति घंटे करीब दर्जन भर बसें प्राइवेट सेवा की यात्रियों को लेकर गंतव्यों तक रवाना होती है। इसी से बिगड़ी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बुधवार को भी प्राइवेट बस संचालकों एवं अन्य सवारी वाहनों के कारण विजयबल्लब चौराहे पर दोपहर में जाम लगा रहा। इससे न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि रोडवेज की बसों को भी निकलने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इनका कहना है…
अवैध रूप से संचालित प्राइवेट बस सेवा न केवल रोडवेज के बसों के समानांतर चलती है, बल्कि इसके संचालन से प्रतिदिन 25-30 प्रतिशत का राजस्व प्रभावित होने लगा है।
राजेश चौधरी, मुख्य प्रबंधक रेाडवेज नागौर