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Nagaur patrika…नगरपरिषद के बोर्ड की बैठक में चर्चा के साथ पारित हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव…VIDEO

नागौर. नगरपरिषद के बोर्ड बैठक शुक्रवार को बेहद महत्वपूर्ण रही। सभापति मीतू बोथरा की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में एजेंडे में शामिल जोधपुर में नगरपरिषद की ओर से पैरवी करने के लिए दोनो अधिवक्ताओं की नियुक्तिययों, नकास गेट पोस्ट आफिस के पास रास्ते में डॉ. केशव हेडग्वार द्वार एवं मण्डा भवन व एसपी आफिस […]

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नागौर. नगरपरिषद के बोर्ड बैठक शुक्रवार को बेहद महत्वपूर्ण रही। सभापति मीतू बोथरा की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में एजेंडे में शामिल जोधपुर में नगरपरिषद की ओर से पैरवी करने के लिए दोनो अधिवक्ताओं की नियुक्तिययों, नकास गेट पोस्ट आफिस के पास रास्ते में डॉ. केशव हेडग्वार द्वार एवं मण्डा भवन व एसपी आफिस के बीच रास्ते में स्वामी विवेकानंद गेट का निर्माण कराए जाने के साथ ही पत्रकार कॉलोनी में शेष रहे पत्रकारों को भूखण्ड आवंटन करने के सरीखे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक स्वर से सहमति बन गई। हालांकि भृष्टाचार के मुद्दे को लेकर एक पार्षद से गर्मारगरम बहस जरूर चर्चाओं का केन्द्र बनी रही।
नगरपरिषद के सभागार में सुबह करीब 11 बजे बोर्ड की बैठक शुरू हुई। बैठक में सभापति मीतू बोथरा की सहमति से आयुक्त रामरतन चौधरी ने एजेण्डे में शामिल मुद्दों को सदन के सामने रखा। मुद्दों में शामिल कनिष्ठ सहायक हरनारायण गौड़ के अभियोजन स्वीकृति दिए जाने के प्रस्ताव को एक स्वर से नामंजूर कर दिया गया। एजेण्डे में शामिल 69 के विभिन्न पत्रावलियों के पट्टा जारी करने के मुद्दे पर पार्षद धर्मेन्द्र पंवार ने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि आम लोगों के पट्टे जारी नहीं हो रहे। शहर में विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। एक साल बाद बोर्ड की बैठक हो रही है। इस पर पार्षद दीनदयाल ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि चर्चा केवल एजेंडे में शामिल बिंदुओं पर ही होनी चाहिए, अन्य पर नहीं के जवाब में पार्षद धर्मेन्द्र ने कहा कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि सदन की बैठक में विकास के मुद्दे पर चर्चा नहीं की जा सकती है। इस दौरान पार्षद मुजाहिद ने भी भृष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सभापति बोथरा को घेरा। मुजाहिद ने पट्टे सहित अन्य कार्यों को लेकर भृष्टाचार का आरोप सदन के सामने सभापति बोथरा पर लगाते हुए कहा कि अब अति हो गई है। इतना ज्यादा भृष्टाचार नहीं होना चाहिए। इसको लेकर पार्षद नवरतन बोथरा ने प्रतिवाद करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस दौरान इसको लेकर तकरीबन 10 मिनट तक सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही। इस दौरान नकाश गेट हेड पोस्ट ऑफिस के पास रास्ते पर ‘डॉ. केशव हेडग्वार द्वार, विवेकानन्द द्वार एवं भारत विकास परिषद के भूखण्ड आवंटन प्रस्ताव पर उपसभापति सदाकत अली एवं पार्षद मुजाहिद ने असहमति जताते हुए कहा कि नागौर के विकास में इनका क्या योगदान है। इस पर पार्षद मनीष कच्छावा सहित अन्य पार्षदों ने प्रतिवाद करते हुए इस पर सहमति जताई। पार्षद विशाल ने भी प्रतिवाद करते हुए कहा कि महापुरुषों की लगी अन्य प्रतिमाओं में ऐसे तो फिर महात्मा गांधी का क्या योगदान रहा सरीखे सवाल उठेंगे, लेकिन महापुरुषों के मुद्दे पर इस तरह के प्रश्न उठाने असंगत हैं। पार्षद कच्छावा ने भी हेडग्वार के बारे में व्याख्यित करते हुए महापुरुषों के नाम रखे जाने का तार्किक पक्ष रखा। इस प्रस्ताव पर ज्यादातर पार्षदों की सहमति होने से यह प्रस्ताव पारित हो गया।