नागौर. शहर के एफसीआई गोदाम से प्रतापसागर तालाब के निकट स्थित हनुमान मंदिर तक जाने वाली सडक़ कई जगहों से उखड़ चुकी है। यह पूरा रास्ता बारिश की मार से बेहाल हो चुका हैं। इस रास्ते में कई जगह हो चुके गड्ढों और जलभराव ने सफर को जोखिमभरा बना दिया है। हालत यह है कि हल्की बारिश में भी यह पूरी सडक़ तालाब में तब्दील हो जाती है। जिसकी वजह से लोगों को मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एफसीआई गोदाम से प्रतापसागर की ओर जाने वाली सडक़ पूरी तरह उखड़ चुकी है। यहां जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। खासतौर पर सडक़ के मोड़ों पर आधा दर्जन से ज्यादा गड्ढे बने हुए हैं।
यहां तो पूरी सडक़ ही गायब
संत बलरामदास विद्यालय की ओर जाने वाले हिस्से की हालत तो और भी बदतर है। करीब 200 मीटर तक सडक़ पूरी तरह से गायब हो चुकी है। यहां से गुजरना लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह जाता है। बारिश के दिनों में यह हिस्सा जलभराव से भर जाता है, जिससे पैदल राहगीर तो निकल ही नहीं पाते, वहीं वाहनों के फंसने की समस्या आम हो गई है। यही स्थिति नया दरवाजा से अहिंसा सर्किल की ओर जाने वाले सडक़ की भी है। यह स्थिति तब है,जबकि इस सडक़ को मानसून आने से महज एक से दो माह पूर्व ही बनाया गया था।
यह रास्ता भी खराब
इसी रास्ते से प्रतापसागर तालाब किनारे नया दरवाजा हनुमान मंदिर की ओर जाने वाली सडक़ भी टूटकर बदहाल हो चुकी है। करीब 10 मीटर का हिस्सा पूरी तरह से धंस चुका है। बारिश होने पर यह रास्ता भी बंद हो जाता है और लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बरसात में यही हालात बनते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल कागजी खानापूर्ति कर पल्ला झाड़ लेते हैं। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये सडक़ निर्माण और मरम्मत पर खर्च होने के बावजूद शहर की सडक़ों की हालत जस की तस है।
जनता बोली……..
यह पूरा रास्ता पहले से ही खराब था, और गत २४ अगस्त को हुई बारिश के बाद तो कई जगह से यह पूरी सडक़ ही उखड़ चुकी है। यहां से अब गुजरना ही मुश्किल हो गया है।
भगवानराम कस्वां, शहरवासी
एफसीआई गोदाम से लेकर नया दरवाजा हनुमान मंदिर तक यह पूरी सडक़ अब कंकाल में बदल चुकी है। इसमें हुए गड्ढों के कारण इस राह से से गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो गया है।
मनीष गोरा, शहरवासी