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Nagaur patrika…रामदेव पशु मेले में अब तक तीन करोड़ 64 हजार 900 के पशु बिके
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Nagaur patrika…रामदेव पशु मेले में अब तक तीन करोड़ 64 हजार 900 के पशु बिके

नागौर. रामदेव पशु मेले में अब तक तीन करोड़ 64 लाख 18 हजार 900 की राशि के पशु बिक चुके हैं। बिक्री के इस आंकड़े में राज्य के अंदर एवं बाहर बिके दोनों ही पशुओं के शामिल हैं। बिकने वालों में सर्वाधिक संख्या गोवंश यानि की नागौरी बैलों की रही है। मेले में अब तक खरीद भी राज्य के बाहर जाने वाले पशुओं की ही रही है। इसमें राज्य के अंदर खरीद का कुल आंकड़ा एक करोड़ 33 लाख 44 हजार 200 का रहा है। जबकि राज्य के बाहर जाने वाले पशुओं की अब तक दो करोड़ 30 लाख 74 हजार 700 का रहा है। इस तरह से अब तक हुई खरीद में राज्य के बाहर जाने वाले पशुओं की खरीद का आंकड़ा भारी रहा है।
रामदेव पशु मेला में पशुओं की बिक्री से पशु पालक उत्साहित नजर आ रहे हैं। मेले में गोवंश के साथ ही अश्व की इस वर्ष बेहतर बिक्री हो रही है। इस वर्ष अब तक राज्य के बाहर जाने वाले पशुओं में कुल 17 घोड़े बिक चुके हैं। जबकि गत वर्ष यह आंकड़ा शून्य ही था। राज्य के अंदर कुल पशु बिक्री का आंकड़ा अब तक 378 का रहा है। जबकि राज्य के बाहर कुल पशु बिक्री का आंकड़ा अब तक 916 का रहा है। यानि की कुल बिक्री में से राज्य के बाहर जाने वाले पशुओं में 538 पशु ज्यादा रहे हैं। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मूलाराम जांगू ने बताया कि बिक्री अभी जारी है। पशु बिक्री के आंकड़े में अभी और भी ज्यादा इजाफा होगा।
अधिकतम 51 हजार में बिका
पशुओं की बिक्री में रविवार को गोवंश अधिकतम कीमत 57 हजार 500 रुपए में बिका, जबकि अश्व यानि की घोड़ा अधिकतम 51 हजार में बिका। न्यूनतम कीमत में घोड़े की कीमत गोवंश पर जरूर भारी रही है। न्यूनतम कीमत में 17 हजार में एक घोड़ा बिका है, जबकि गोवंश की न्यूनतम कीमत महज 10 हजार ही रही है।
कुछ निकले, और कई कर रहे इंतजार
पशुओं की बिक्री में तेजी आने के साथ ही रामदेव पशु मेले का मैदान अब खाली होने लगा है। विशेषकर गोवंशों का। कारण की पशुओं में गोवंशों की बिक्री का आंकड़ा इस वर्ष भी अन्य पशुओं की अपेक्षा भारी रहा है। गत वर्ष भी गोवंश ही ज्यादा बिके थे। इस साल भी अब तक यही स्थिति बनी हुई है। हालांकि इसमें एक बात जरूर विशेष रही है कि इस वर्ष घोड़े भी खासी संख्या में बिक रहे हैं। पिछले साल यह आंकड़ा दहाई तक नहीं पहुंच पाया था, लेकिन इस वर्ष यह आंकड़ा जरूर दहाई तक पहुंचा। इसको लेकर अश्व पालक मेले में उत्साहित नजर आ रहे हैं।
इनका कहना है…
रामदेव पशु मेले में पशुओं की खरीद इस वर्ष भी अब तक अच्छी रही है। मेले मेें अभी पशुओं की खरीद-फरोख्त जारी है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।
डॉ. महेश कुमार मीणा, मेला प्रभारी एवं संयुक्त निदेशक, पशुपालन नागौर