
नागौर. रामदेव पशु मेला में विदेशी पर्यटकों का दल शुक्रवार को पहुंचा। दल में शामिल पर्यटक अमरीका से भारत भ्रमण पर आए थे। पर्यटकों ने यहां पर ऊंटों का नृत्य देखा, ऊंटों की तस्वीर भी खींची। साथ में ऊंट पालकों के साथ अपनी सेल्फी भी खिंचवाई। दल में शामिल पर्यटकों में मॉक ने बताया कि रामदेव पशु मेला के बारे में काफी सुना था। पर्यटन यानि की भारत भ्रमण इस सीजन में करने का उद्देश्य रामदेव पशु मेला देखना था। इस दौरान पशु पालकों से गाइड के माध्यम से उनके हालचाल पूछे, और बातचीत भी की।
रामदेव पशु मेला पहुंचा विदेशी पर्यटकों का दल शुक्रवार को उत्साहित नजर आया। दल ने मैदान में पहुंचते ऊंटों को कौतुूहल से देखा, और ऊंटों के झुण्ड की ओर बढ़ गए। एक साथ दर्जन भर से ज्यादा की संख्या में पहुंचे पर्यटकों से मेला का रंग बदला नजर आया। ऊंट पालक भी बेहद प्रफुल्लित रहे। पर्यटकों ने ऊंटों की विशेषताएं पूछी। पर्यटकों को जब पता चला कि ऊंट अच्छा नृत्य भी कर लेते हैं तो सभी पर्यटक एक साथ खड़े गए और ऊंटों का नृत्य देखने की इच्छा जाहिर की। पर्यटकों के साथ आए गाइड ने ऊंट पालकों को बताया तो फिर उत्साहित ऊंट पालकों ने ऊंटों का नृत्य कराया। ऊंट को नृत्य करते देखकर पर्यटक अचरज में रहे। करीब पंद्रह मिनट तक ऊंट के नृत्य से उत्साहित पर्यटकों ने ऊंट पालकों को धन्यवाद कहा, और उनसे गाइड के मार्फत इनके खान-पान के बारे में भी जानकारी ली। इसके साथ ही पशु पालकों की ओर से तैयार की गई चाय का स्वाद भी लिया। इस दौरान पर्यटकों ने भारत को बेहद सुंदर व रंगीन संास्कृतिक विशेँषताओं से परिपूर्ण बताया। ऊंट का नृत्य देखने के पश्चात पर्यटक मेला में घूमे। इसके पश्चात दुकानों पर बिक रही सामग्री भी देखी।
अब तक एक हजार से ज्यादा पशुओं की आवक
नागौर. रामदेव पशु मेला का रंग बदलने लगा है। मेलों में नागौरी बैलों के साथ ही अन्य पशुओं की भी आवक बढ़ी है। अब तक आए पशुओं की संख्या एक हजार पार पहुंच गई है। पशु मेला में अब तक 434 गोवंश, 8 भैंसवंश, 732 ऊंट एवं 33 घोड़े आ चुके हैं। कुल पशुओं की संख्या 1207 तक हो गई है। मेला प्रशासन के अनुसार अभी पशुओं की आवक बनी हुई है। हालांकि यह संख्या गत वर्ष के मुकाबले कम है, लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि अभी और पशु आएंगे तो स्थिति बेहतर हो जाएगी।