28 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नागौर
Nagaur patrika…मूंग की आवक बढ़ी, भाव भी बढ़े, किसान उत्साहित, गत वर्ष की अपेक्षा इस माह आवक ज्यादा…VIDEO
Play video

Nagaur patrika…मूंग की आवक बढ़ी, भाव भी बढ़े, किसान उत्साहित, गत वर्ष की अपेक्षा इस माह आवक ज्यादा…VIDEO

नागौर. कृषि उपज मंडी में मूंग की आवक इस बार जनवरी माह में बढ़ी है। जबकि गत वर्ष के इस माह में मूंग की इतनी अच्छी आवक नहीं हो रही थी। इस साल मण्डी में मूंग तीन श्रेणियों की आ रही है। इसमें विराट मूंग, सामान्य एवं न्यून स्तर की मूंग। इसमें विराट मूंग की की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण इसकी मांग बढ़ी है। इसके भाव 8300 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहे हैं, जबकि अन्य में मंडी में 7100 से 8200 प्रति क्विंटल मूंग की दर बनी हुई है। खुली मंडी में मूंग को लेकर आने वाले अपनी उपज मंडी में बेच तो रहे हैं, लेकिन इनको मलाल है कि सरकार की ओर से समर्थन मूल्य बेचान करने के लिए पंजीकरण की डेट नहीं बढ़ाई। सरकार डेट बढ़ाती तो फिर यह भी अपनी मूंग केन्द्र के माध्यम से ही बेच देते। कारण कि समर्थन मूल्य की दर खुली मंडी में हो रही नीलामी के दर से ज्यादा हैं।
सरकार पंजीकरण की स्वीकृति दे तो किसान करें बेचान
कृषि उपज मंडी में मूंग की आवक तो तेजी से हो रही है, लेकिन किसान बेचान के लिए ज्यादा उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग का पंजीकरण तो कराया, लेकिन ज्यादा समय नहीं दिया। इस वजह से कई किसान अपनी मूंग बेचान का पंजीकरण तक नहीं करा पाए। कारण जिस समय पंजीकरण कराना था, ज्यादातर किसान खेतों में बुआई करने में जुटे हुए थे। इसलिए ऐसे किसानों की संख्या ज्यादा है, जो इस वजह से मूंग बेचान का पंजीकरण कराने में असमर्थ रहे। काश्तकारों का मानना है कि नागौर में मूंग का उत्पादन राज्य के अन्य जिलों की अपेक्षा बेहतर रहता है। मूंग की बुआई 3 लाख 87 हजार 430 हेक्टेयर एरिया में हुई थी। इससे उत्पादन भी बेहतर रहा।
पांच-छह हजार बोरियों की रोजाना आवक
कृषि उपज मंडी में सीजन फसल के तौर अन्य फसलों के साथ मूंग की आवक शुरू हुई तो पहले 12-13 हजार मूंग के कट्टे आ रहे थे। भावों में तेजी नहीं आने की वजह से मूंग की तेजी से हो रही आवक की रफ्तार गत दिसंबर माह में ही धीमी हो गई थी। कारण कि खुली मंडी में मूंग की बिक्री जहां सात हजार से आठ हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से हो रही थी। जबकि समर्थन मूल्य की दर 8682 रुपए प्रति क्विंटल थी। इसकी वजह से खुली मंडी में मूंग बेचान करने के लिए इस बार किसान सीजन में उत्साहित नजर नहीं आए। व्यापारी रामेश्वर सारस्वत ने बताया कि मूंग की आवक की रफ्तार काफी धीमी हो गई थी। इस बार मूंग का उत्पादन तो बेहतर रहा, लेकिन मंडी में मूंग की आवक ज्यादा हेाने की वजह से भाव नहीं बढ़े। इस माह एक बार फिर से इसकी आवक दोगुना हो गई है। मूंग आवक फिर से प्रतिदिन छह से सात हजार कट्टे होने लगी है। कारोबार के लिए यह बढिय़ा संकेत है।
विराट मूंग के बड़े दाने ने गरमाया बाजार
व्यापारी बताते हैं कि विराट मूंग के दाने आकार-प्रकार में बड़े होने के चलते इनकी नमकीन बनाने वाले फैक्ट्रियों में बेहतर मांग रहती है। इस वजह से इस समय इसकी बढिय़ा मांग बनी हुई है। मंडी में विराट मूंग, सामान्य मूंग एवं न्यून स्तर की, तीनो प्रकार के मूंग की आवक हो रही है। विराट मूंग के दाने बड़े व गहरे हरे रंग में होने की वजह से इसकी प्रति क्विंटल की दर 8300 रुपए बिक रही है। गुणवत्ता और भी बेहतर हुई तो उसी हिसाब से दाम भी बढ़ जाते हैं।
सरकार को मौका देना चाहिए
राज्य सरकार को समर्थन मूल्य बेचान करने के लिए पंजीकरण का का समय और देना चाहिए। ताकि और भी किसान मूंग का बेचान क्रय केन्द्र के मार्फत कर पाते। अब मंडी में तो मूंग बिक रही है, लेकिन समर्थन मूल्य दर के भाव ज्यादा बेहतर हैं।
मोहननाथ, किसान, ग्राम कालड़ी
काफी किसान नहीं करा पाए पंजीकरण

काफी किसान तो पंजीकरण करा ही नहीं पाए। इसकी वजह से उनको तो मूंग मंडी में ही बेचनी पड़ेगी। अब यदि पंजीकरण का मौका एक बार और मिलता तो फिर करा लेते। इससे किसानों को उनकी मेहतन के भाव भी अच्छे मिल जाते।
पंाचाराम, किसान, ग्राम इनाणा