राजस्थान में चल रही तीव्र हीटवेव के कारण नागौर में अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इससे पहले 31 मई 1965 में अधिकतम तापमान 48.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। रविवार व शनिवार को पिछले 59 साल का रिकॉर्ड टूटा है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 24 घंटों में राज्य में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। राज्य में चल रहे तीव्र हीटवेव तथा ऊष्ण रात्रि का दौर आगामी 2-3 दिन जारी रहने की प्रबल संभावना है। 30 मई से पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने , वहीं जून के प्रथम सप्ताह में राज्य के ज्यादातर भागों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज होने की संभावना है।
वाहन व ट्रांसफार्मर पकडऩे लगे आग
भीषण गर्मी का कहर इस कदर है कि पेड़-पौधों के पत्ते जलने लग गए हैं। जिन पेड़-पौधों को नियमित पानी दिया जा रहा है, उनके भी पत्ते जल रहे हैं, जबकि आकड़े आदि के पत्ते जलकर झड़ चुके हैं। तेज गर्मी के कारण वाहनों में आग लगने व धुंआ उठने की घटनाएं बढऩे लगी हैं। बिजली का लोड बढऩे से जगह-जगह ट्रांसफार्मर जल रहे हैं।
सडक़ें हुई सूनी, जल सेवा में जुटे लोग
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण चिकित्सकों एवं मौसम विभाग की सलाह अनुसार लोग सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच बाहर निकलने से बच रहे हैं। इसके चलते दोपहर में शहर में कफ्र्यू सा माहौल रहता है।