
नागौर. शहर के ऐतिहासिक एवं जर्जर इमारतों की मरम्मत के साथ ही अब चौराहों का भी सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा। इस संबंध में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित के साथ सोमवार को हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में इससे जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। कलक्टर पुरोहित ने कहा कि नगरपरिषद की ओर से शहर के ऐतिहासिक दरवाजों की स्थिति एवं चौराहों की वस्तुस्थिति देखे जाने के साथ ही इसकी कार्ययोजना बनाकर काम होना चाहिए। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका की ओर से शहर के ऐतिहासिक जर्जर दरवाजों के साथ बदहाल हो रहे चौराहों का मुद्दा उठाया गया था। अब कलक्टर की ओर से इस पर दिशा-निर्देश मिलने के बाद नगरपरिषद की ओर से इस पर कार्य योजना बनाकर जल्द ही इसको मूर्त रूप दिए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही हरियाणा की तर्ज पर जिले के स्थानीय निकायों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय अधिकारी के लिए भी भूमि आवंटन संबंधी रिपोर्ट अगली बैठक से पूर्व दिए जाने के लिए कहा गया है। बताते हैं कि प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व में जारी हुए बजट में इसकी घोषणा की गई थी। अब इसके लिए कलक्टर की ओर से सोमवार को नगरपरिषद आयुक्त रामरतन चौधरी को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इनका कहना है…
ऐतिहासिक दरवाजों एवं चौराहों की स्थिति के सुधार के साथ ही इसके सौन्दर्यीकरण की चर्चा हुई है। इस संबंध में कलक्टर की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश मिले हैं। इस पर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रामरतन चौधरी, आयुक्त नगरपरिषद नागौर