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VIDEO…मोटे अनाजों में बेपनाह छिपा हुआ है स्वास्थ्य का राज

नागौर. कृषि विभाग परिसर में स्थित बुधवार को आत्मा सभागार में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-पौष्टिक अनाज योजना के तहत पोषक अनाजों के उत्पादन में वृद्धि, मूल्य सवंर्धित उत्पादों के घरेलू उपभोग में बढावा दिये जाने के विषय पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय की सहायक आचार्य नीशू चौधरी ने बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी, […]

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नागौर. कृषि विभाग परिसर में स्थित बुधवार को आत्मा सभागार में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा-पौष्टिक अनाज योजना के तहत पोषक अनाजों के उत्पादन में वृद्धि, मूल्य सवंर्धित उत्पादों के घरेलू उपभोग में बढावा दिये जाने के विषय पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय की सहायक आचार्य नीशू चौधरी ने बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी, सांवा आदि के पोषक महत्व की जानकारी दी। सहायक प्राध्यापक भावना शर्मा ने मोटे अनाजों के उत्पादन, उत्पादकता एवं विपणन के अवसरों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र अठियासन के विषय विशेषज्ञ बुद्धाराम ने मिलेट्स औषधि आधार पर जानकारी दी। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेषक डॉ. महेश कुमार मीणा ने राजस्थान की प्रमुख फसलों में मिलेट्स की महत्ता समझाई। कृषि उपज मण्डी समिति की अतिरिक्त सचिव अवन्तिका ने मोटे अनाज प्रोसेसिंग के लिए बैंकों की वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उद्यानिकी के उपनिदेशक मोहन दादरवाल कहा कि राज्य में खाद्यान फसलों की अपेक्षा बाजरा व ज्वार आदि की खेती के लिए बहुत ही अनुकूल जलवायु है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक शंकरराम सियाक ने मोटे अनाजों यथा-ज्वार, बाजरा का नियमित सेवन करने के फायदे बताए। कृषि अनुसंधान अधिकारी श्योपालराम जाट ने मोटे अनाज के मुख्य खाद्य एवं पेय पदार्थो जैसे- रोटी, ब्रेड, दलिया, खीच, राबड़ी, व मिलेट न्यूट्री पाऊडर इत्यादि में मिलेट्स का कैसे उपयोग होता है, की जानकारी दी। मेड़ता के सहायक निदेशक रामप्रकाश बेडा ने मोटे अनाजों के उत्पादन की जानकारी दी। राजस्थान राज्य बीज निगम लि. के संयत्र प्रबंधक गोविन्दराम जाखड़ ने मिलेट्स फसलों के प्रमाणित बीज एवं उत्पादन की प्रक्रिया पर जानकारी दी। कार्यशाला में सौ से अधिक प्रगतिशील कृषक एवं प्रतिभागी शामिल रहे। अध्यक्षता कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरीश मेहरा ने की। इस दौरान स्वरूपराम जाखड़, राजेन्द्र सिंह मेडतिया, औंकार सिंह, रामलाल सैनी, देवेन्द्र सिंह राठौड़, पीयूष कुमार, नवरतन दहिया, रामकिशोर जीतरवाल आदि मौज्ूाद थे।