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VIDEO…लिक्विड नाइट्रोजन नहीं होने से पशु चिकित्सालयों में कृतिम गर्भाधान पर लगा ग्रहण

नागौर. जिले के पशु पशु चिकित्सालयों में लगभग डेढ़ मह से लिक्विड नाइट्रोजन की आपूति पूरी तरह से ठप है, लेकिन मुख्यालय की ओर से फिर भी कृतिम गर्भाधान के मिले लक्ष्यों की पूर्ति किसी भी सूरत में करने के आदेश हैं। अब पशु चिकित्सकों का मानना है कि जब लिक्विड ही नहीं है तो […]

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नागौर. जिले के पशु पशु चिकित्सालयों में लगभग डेढ़ मह से लिक्विड नाइट्रोजन की आपूति पूरी तरह से ठप है, लेकिन मुख्यालय की ओर से फिर भी कृतिम गर्भाधान के मिले लक्ष्यों की पूर्ति किसी भी सूरत में करने के आदेश हैं। अब पशु चिकित्सकों का मानना है कि जब लिक्विड ही नहीं है तो फिर कृतिम गर्भाधान कैसे हो सकता है। इसके बाद भी मुख्यालय की ओर से यही कहा जा रहा है कि लक्ष्य की पूर्ति करनी ही है। अब ऐसे में कई केन्द्रों में विभागीय प्रावधानों के प्रतिकूल लिक्विड नाइट्रोजन बाहर से मंगाकर काम चलाया जा रहा है। बाहर से मंगाए जाने की स्थिति में इसका पूरा खर्च भी पशुपालक को ही उठाना पड़ रहा है। जबकि राज्य सरकार का स्पष्ट रूप से आदेश है कि 30 रुपए से ज्यादा का शुल्क नहीं लिया जा सकता है। इसके बाद भी इसको केन्द्रों में बाहर से मंगाने जाने का खेल जहां तेजी से चल निकला है, वही मेडिकल स्टोरों का धंधा भी अब तेजी से चमकने लगा है।
लक्ष्य पूर्ति के लिए बाहर से मंगा रहे लिक्विड नाइट्रोजन
पशु पालन विभाग के जिले में कुल 271 पशु केन्द्र हैं। इसमें पॉली क्लीनिक, प्रथम श्रेणी चिकित्सालय, पशु चिकित्सालय, पशु उपचिकित्सा केन्द्र, जिला पशु रोग निदान केन्द्र एवं जिला स्तरीय तीन मोबाइल यूनिट शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर केन्द्रों में लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति बंद होने के कारण कृतिम गर्भाधान का काम पूरी तरह से लगभग ठप हो चुका है। इसकी जानकारी केन्द्रों के पशु चिकित्सा प्रभारियों की ओर से जिले के संयुक्त निदेशक को दी जा चुकी है। इसके बाद भी मुख्यालय की ओर से प्रति केन्द्रों को दिया गया कृतिम गर्भाधान का लक्ष्य पूर्ण करने के आदेश निरस्त नहीं किए जाने से पशु चिकित्सा प्रभारियों के समक्ष लक्ष्य को पूर्ण करने की मुश्किल स्थिति खड़ी हो गई है। अब ऐसे में लक्ष्य पूर्ति के लिए कई केन्द्रों के चिकित्सकों की ओर से पशु पालकों के आने पर कृतिम गर्भाधान के लिए लिक्विड उन्हीं से खरीदकर मंगाया जा रहा है।
आपूर्ति होने पर ही लक्ष्य मिलना चाहिए
जिले के कई केन्द्रों के पशु चिकित्सकों का मानना है कि मुख्यालय की ओर से फिलहाल कृतिम गर्भाधान किए जाने के लक्ष्य पर विराम लगा देना चाहिए। आपूर्ति होने की स्थिति में इसको निर्धारित करना चाहिए। ताकि केन्द्रों पर लिक्विड नाइट्रोजन की उपलब्धता में सहजता से कृतिम गर्भाधान हो सकेगा। इससे लक्ष्य की पूर्ति भी हो सकेगी।
पशु चिकित्सा केन्द्रों को मिले लक्ष्य पर एक नजर
बहुउद्देशीय चिकित्सालय-1500
प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय-700
पशु चिकित्सा उपकेन्द्र-450

इनका कहना है…
कृतिम गर्भाधान में आवश्यक रूप से प्रयुक्त होने वाले लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति लगभग दो से तीन माह से बंद चल रही है। इसकी वजह से केन्द्रों पर मुश्किल तो हो रही है। इससे निदेशालय को अवगत कराया जा चुका है। जल्द ही इसकी आपूर्ति कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. महेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन नागौर