
नागौर. अवैध रूप से सवारी वाहनों के परिवहन ने राजस्थान राज्य परिवहन की स्थिति को प्रभावित किया है। रोडवेज के आसपास अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर रोकथाम के आदेश के बाद भी ऐसे वाहन बेधडक़ सडक़ों पर दौड़ाए जा रहे हैं। इसकी वजह से रोडवेज की रोजाना होने वाली लगभग 25-30 प्रतिशत का राजस्व प्रभावित हुआ है। इस संबंध में रोडवेज की ओर से जिला प्रशासन को अवगत कराए जाने के बाद भी अवैध वाहनों का संचालन जारी है।
नागौर परिवहन एरिया में अवैध सवारी वाहनों के संचालन ने रोडवेज के रोजाना होने वाले राजस्व आय को सीधा प्रभावित किया है। निगम के जानकारों के अनुसार प्राइवेट बस सेवा का संचालन नागौर, मेड़ता, जायल, डेगाना, रियाबड़ी, खींवसर, गोटन, कुचामनसिटी, मकराना, डीडवाना, डेगाना में बेखौंफ बस स्टैंडों के निकट ही समानांतर बसों को खड़ी कर किया जाने लगा है। इससे जिले भर में निगम की आय धीरे-धीरे कम होने लगी। अब स्थिति इतनी खराब हो गई है कि निगम के रोजाना के राजस्व पर चार से पांच लाख का कम होने लगा है।
रोडवेज के समानांतर चलती प्राइवेट बस सेवा
नाागौर आगार से वर्तमान में 83 बसों का चालन किया जाता है। इन बसों का नागौर से अजमेर, जोधपुर, सीकर, जयपुर सहित कई बड़े शहरों में रोडवेज बस सेवा के रूट पर संचालन होता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं रूटों के सामानांतर प्राइवेट बसें भी बिना परमिट चलाई जा रही हैं। इसकी वजह से रोडवेज बसों की आय पर सीधा असर पड़ रहा है। विशेष बात यह है कि एक ही रूट पर अवैध रूप से चलने वाली बसों की संख्या भी चार से पांच होती है। पूर्व में अवैध रूप बसों के संबंध में पूरी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई थी। इसके बाद भी कार्रवाई की स्थिति शून्य रही।
रोडवेज एवं अवैध रूप से संचालित वाहनों की स्थिति पर एक नजर
प्राइवेट सेवा बसों की संख्या-900 से भी ज्यादा
निगम के बसों की संख्या-83
निगम बस सेवा का प्रतिदिन का प्रभावित राजस्व-4-5 लाख
निगम का प्रतिदिन का राजस्व औसतन-11 लाख लगभग
यह हैं प्रावधान
प्रावधान के अनुसार रोडवेज बस स्टैंड के तीन किलोमीटर के एरिया में प्राइवेट बसों का संचालन नहीं किया जा सकता है। परमिट वाले वाहनों को भी बस स्टैंड के पास अधिकतम पांच मिनट से ज्यादा नहीं रोका जा सकता है। इस संबंध में पूर्व में उच्च न्यायालय की ओर से भी स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि रोडवेज के बस स्टैंड के तीन किलोमीटर के एरिया में प्राइवेट बसों का संचालन नहीं किया जाना चाहिए।
इनका कहना है…
अवैध रूप से प्राइवेट बसों एवं सवारी वाहनों का संचालन रोडवेज के तीन किलोमीटर के एरिया में नहीं किया जा सकता है। इसके बाद भी जिले में अवैध रूप से संचालन किया जा रहा है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को विभाग की ओर से दी जा चुकी है।
राजेश चौधरी, मुख्य प्रबंधक, केन्द्रीय बस स्टैंड, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम नागौर