नीमच. वैसे तो जिला चिकित्सालय किसी न किसी बात को लेकर आए दिन सुर्खियों में बना रहता है, परंतु यहां जिला प्रशासन एवं हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा मरीजों के बेहतर उपचार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जिसमें एक महिला के लगातार तीन बार गर्भपात उसने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया।
प्रसव पीड़ा के साथ महिला जिला चिकित्सालय पहुंची, जहां उसका संपर्क जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. लाड धाकड़ से हुआ। डॉक्टर ने गर्भवती महिला का प्रथम दिन से ही उपचार प्रारंभ किया। महिला ने जिला चिकित्सालय में लगातार 9 महीने तक उपचार लेने के बाद विगत 5 दिनों पूर्व महिला ने 3 स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। विगत 5 दिनों से तीनों बच्चों का उपचार भी जिला चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड में चल रहा था, जहां आईसीयू टीम ने बेहतर देखरेख की। बुधवार को तीनों नवजात शिशुओं को उनकी माता को सौंप महिला को छुट्टी दी गई। जिला अस्पताल में भर्ती महिला सरिता पति विजय पाटीदार (23) निवासी ग्राम बामनिया ने बताया कि उसका विवाह 5 वर्ष पूर्व विजय पाटीदार निवासी ग्राम बामणिया से हुआ था। इन 5 सालों में उसको तीन बार गर्भपात हुए। इसके बाद परिवार में मायूसी छा गई थी। इसपर वह जिला चिकित्सालय के मेटरनिटी वार्ड पहुंची, जहां उसका संपर्क जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. धाकड़ से हुआ। यहां डॉ. धाकड़ ने नि:संतानता का उपचार प्रारंभ किया और लगातार 9 महीने तक जिला चिकित्सालय में उपचार लेने के साथ ही विगत 5 दिनों पूर्व महिला ने 3 बच्चों को जन्म दिया। तीनों बच्चे स्वास्थ्य हैं। इनमें एक बालिका व 2 बालक हैं। महिला सरिता पाटीदार ने बताया कि इन तीनों बच्चों के जन्म से पूर्व में हुए गर्भपात के घाव को भर दिया है। मैं काफी खुश हूं कि मुझे 3 बच्चो की मां बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। डॉ. लाड धाकड़ ने बताया कि 9 माह पूर्व सरिता पाटीदार पति विजय पाटीदार निवासी ग्राम बामनिया मेरे पास उपचार के लिए आईं थी। शादी को 5 साल हुए हैं। इन 5 सालों में महिला का तीन बार गर्भपात हो चुका था। इससे दंपत्ति काफी मायूस थे। महिला जब पुन: गर्भवती हुई तो जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए आई, तब हमने उनका उपचार प्रारंभ किया गया। लगातार 9 महीने तक जिला चिकित्सालय में सभी आवश्यक उपचार महिला को दिए। इस दौरान दंपत्ति ने भी अपने उपचार में जिला चिकित्सालय के स्टाफ का सहयोग किया। विगत 5 दिन पूर्व महिला ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है तीनों बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में रखा गया था, जहां एसएनसीयू टीम द्वारा उनकी बेहतर देखरेख की गई।