सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति विकास परिषद ने सौंपा ज्ञापन
बांसवाड़ा . भारत बंद के आह्वान के तहत बांसवाड़ा जिले में मिला – जुला असर देखने को मिला। सुबह जहां ऊहापोह की स्थिति में कुछ दुकानें बंद रहीं, वहीं, दोपहर बाद बाजार खुले नजर आए। गली चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद नजर आई। बंद के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति विकास परिषद द्वारा रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में पुलिस ने सख्त इंतजाम किए थे। मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया, साथ ही ड्रोन के जरिए निगरानी रखी गई। शहर में शांति और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए प्रशासन ने प्रभावी कदम उठाए, जिसके चलते कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि बंद का असर कुछ क्षेत्रों में देखा गया, लेकिन अधिकांश जगहों पर जनजीवन सामान्य बना रहा। संगठन ने बंद के समर्थन में रैली निकालते हुए कहा कि वे भविष्य में और प्रभावी कदम उठाने के लिए रणनीति बनाएंगे। कुल मिलाकर बांसवाड़ा में बंद के दौरान स्थिति नियंत्रण में रही और पुलिस की तत्परता से शहर में शांति बनी रही।
रोडवेज के थमे चक्के, अपराह्न से इक्का-दुक्का गाड़ियां रवाना
इधर, रोडवेज बांसवाड़ा आगार से बुधवार को दोपहर तक बसों के चक्के थमे रहे। आगार के मुख्य प्रबंधक मनीष जोशी के अनुसार सुबह डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर डिपो से समन्वय पर मालूम हुआ कि बंद के चलते बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही। इसके चलते यहां से रवानगी के बाद भी दूरदराज की बसें इन जिलों तक पहुंचने के बाद रुकना तय होने और इस बीच तोडफ़ोड़ की आशंका के चलते दोपहर तक के शिड्यूल निरस्त किए गए। इसके चलते अजमेर, जयपुर, उदयपुर और अहमदाबाद में बांसवाड़ा की बसें होल्ड पर रहने से यात्रियों को बैरंग लौटना पड़ा। अपराह्न में माहौल को देखते हुए उदयपुर, जयपुर इक्का-दुक्का गाडिय़ां रवाना की गईं। शाम तक इसके चलते बांसवाड़ा से प्रतापगढ़, अहमदाबाद की बसें निकली, वहीं दिनभर में अन्य आगारों सहित दस-बारह बसों की ही आवाजाही रह पाई। गौरतलब है कि बांसवाड़ा आगार से दिनभर में कुल ४६ शिड्यूल संचालित हैं, जिनमें कई बंद के चलते प्रभावित हुए।
आपात सेवाओं में नहीं रहा कोई विघ्र, एटीएम बंद रहने से आई दिक्कत
इस बीच, शहर में आपातकालीन सेवाओं मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस, अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के अलावा आवाजाही के संसाधनों में कोई प्रभावित नहीं हुआ। हालांकि तोडफ़ोड़ की आशंकाओं पर एटीएम बंद कर दिए जाने से लोगों को दिक्कतें आईं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापनबांसवाड़ा . डॉ अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, डाॅ अंबेडकर अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन ( अजाक ) और राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर के पदाधिकारियों और सदस्यों की ओर से बुधवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति में उप वर्गीकरण के लिए पारित फैसला प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति समाज आक्रोशित है। सोशल मीडिया पर 21 अगस्त 2024 को भारत बन्द की पोस्ट वायरल पर जिले में भी विभिन्न संगठनों ने ज्ञापन सौंपा। जिला महासचिव मणिलाल यादव ने बताया कि एससी एसटी वर्ग का यह मत है कि उपरोक्त फैसला उच्चतम न्यायालय के क्षेत्राधिकार से बाहर है एवं असंवैधानिक है। अतः भारत सरकार से इस फैसले के विरुद्ध क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करके एवं अध्यादेश जैसे अन्य वैधानिक उपाय करके इस फैसले को निरस्त करवाने की मांग की गई। इसमें डॉ अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष कोदरलाल परमार, कालूराम यादव, शंकरलाल बोरी, डाॅ अंबेडकर अधिकारी कर्मचारी एसोसियेएन (अजाक) के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण यादव, विट्ठल यादवर, राजकुमार यादव, महेश यादव, रमेशचंद्र यादव, मणिलाल, राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर के जिलाध्यक्ष वालजी अड़, मणिलाल यादव, ब्लॉकध्यक्ष रामलाल मईडा, अरविंद पारगी, नटवरलाल यादव, जयंतीलाल रावत, कांतिलाल निनामा और चेतनलाल भगोरा आदि ने हस्ताक्षर किए।