भीलवाड़ा। कलक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी की खबर से मंगलवार सुबह सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया पर धमकी की खबर वायरल होने से कलक्ट्रेट के बाहर भीड़ एकत्रित हो गई। धमकी मिलने के बाद पुलिस ने कलक्ट्रेट को सुरक्षा घेरे में ले लिया। आला अधिकारियों की मौजूदगी में करीब डेढ़ घंटे चले तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद सभी ने राहत महसूस की। उधर, सुरक्षा एजेंसी समूचे मामले की जांच कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार कलक्ट्रेट भवन को बम से उड़ाने की धमकी मेल के जरिए प्रशासन को सुबह 09:35 बजे मिली। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने तत्काल एसपी धर्मेन्द्र सिंह यादव व अन्य आला अधिकारियों को सूचना दी। सीएमओ व जयपुर पुलिस मुख्यालय को भी अवगत करा दिया गया। दोपहर 10: 45 बजे नागरिक सुरक्षा टीम के चीफ वार्डन गोपाल बांगड ने माइक के जरिए कलक्ट्रेट परिसर में बम होने की जानकारी दी।
देखते ही देखते कलक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी मच गई। अधिकारी व कर्मचारी भागते-दौड़ते बाहर निकले। कुछ ही देर में कलक्ट्रेट, एडीएम, एसडीएम, कोष, जिला रसद विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला परिषद व तहसील कार्यालय समेत सभी सोलह विभागों के कार्यालयों को खाली करवा लिया गया। कलक्ट्रेट का मुख्य गेट भी बंद करवा दिया गया। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक समूचे कलक्ट्रेट को खंगाल लिया गया।
टीमों ने खंगाले, परिसर व कक्ष
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन की अगुवाई में डिप्टी श्याम सुंदर विश्नोई व मनीष बड़गुर्जर, कोतवाली प्रभारी गजेन्द्र सिंह नरूका, सुभाषनगर थाना प्रभारी शिवराज गुर्जर, प्रतापनगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया, यातायात प्रभारी बाबूलाल समेत कई अधिकारियों की टीमें समूचे कलक्ट्रेट परिसर को खंगालने में लग गई। नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की टीम भी मदद में जुटी। सीआईडी, आईबी व अन्य सुरक्षा एजेसिंयों की टीमें भी सक्रिय हो गई।
डेढ़ घंटे तक चली तलाशी
टीमों ने कार्यालय कक्षों की तलाशी के साथ ही बरामद में रखे कबाड़ को भी टटोला। कलक्ट्रेट परिसर में पार्किग में खड़े दुपहिया, कार, जीप आदि वाहनों को भी जांचा। सभी भवनों की छतों पर भी टीमें पहुंची। माइक के जरिए लोगों को कलक्ट्रेट के भीतर आने से भी रोका। करीब डेढ़ घंटे तलाशी अभियान के बाद एएसपी पारस जैन ने घोषणा की कलक्ट्रेट को बम से उड़ा देने की धमकी की खबर माॅक ड्रिल का हिस्सा था। लेकिन जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने शाम को स्पष्ट किया कि मेल के जरिए भीलवाड़ा कलक्ट्रेट को बम से धमकी ही मिली थी। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
छह घंटे बाद पहुंचा बम निरोधक दस्ता
कलक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की जानकारी के करीब छह घंटे बाद कोटा से बम निरोधक दस्ता कलक्ट्रेट पहुंचा। दस्ते में शामिल डॉग स्कवायड ने समूचे कलक्ट्रेट की तलाशी ली। इसी दौरान बम तलाशने के यंत्र का भी उपयोग किया गया। दस्ता प्रभारी ने बताया कि टीम को राज्यों के कई हिस्सों से बम मिलने की सूचना मिली, इसी कारण उनकी टीम सुबह से दौड़ रही है।
तीन घंटे में ही हटाया मेटल डिटेक्टर
पुलिस प्रशासन के माॅक ड्रिल की जानकारी देने के बावजूद कलक्ट्रेट सुरक्षा घेरे में रहा। यहां मुख्य गेट पर दोपहर एक बजे मेटल डिटेक्टर लगाया गया। हालांकि डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा के कलक्ट्रेट में आने से पहले शाम चार बजे तक वह हटा भी लिया गया।
माइक से कलक्ट्रेट खाली करवा रहे थे, भीतर कलक्टर बैठक ले रहे थे
भारत-पाकिस्तान के मध्य चल रहे तनाव के बीच शहर के लिए एक पखवाड़े में आई दूसरी बड़ी खबर ने एक बार तो आम जन को झटका दे ही दिया। हालांकि यह खबर पूर्व की भांति मॉक ड्रिल साबित नहीं हुई यह एक धमकी निकली। इसके बाद से पुलिस- प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शहर एवं जिले में सार्वजनिक स्थलों व परिवहन साधनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कलक्ट्रेट भवन में चल रही थी बैठक
माॅक ड्रिल के दौरान जहां शहर बैचेन था और धमकी को लेकर चिंतित था। पुलिस- प्रशासन माइक के जरिए यह ऐलान कर चुका था कि समूचा कलक्ट्रेट भवन खाली हो चुका है। कोई अधिकारी व कर्मी नहीं है। समूचा भवन असुरक्षित है, इसी दौरान जिला कलक्टर की मौजूदगी में आला अधिकारियों की बैठक सभागार में चल रही थी। हालांकि कलक्टर संधू का कहना था कि डिप्टी सीएम की यात्रा को लेकर यह जरूरी बैठक थी।
सांसद अग्रवाल को नहीं रोका, वह कलक्टर से मिल कर आ गए
लोगों की आवाजाही व वाहनों के प्रवेश पर रोक थी। ऐसे में सांसद दामोदर अग्रवाल की गाड़ी को नहीं रोका गया। इतना ही नहीं सांसद अग्रवाल अति संवेदनशील माने जा रहे कलक्ट्रेट के भीतर जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू से मिलने चले गए।
डंडे से तलाश रहे थे बम
बम तलाशने के लिए भीलवाड़ा पुलिस के पास कोई उपकरण या यंत्र नहीं था। ऐसे में बम निरोधक दस्ते का इंतजार किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, कई पुलिस कर्मी हाथ में डंडे से ही सामानों को खंगालते दिखे।
अफसरों के अलग-अलग बयान, असमंजस के हालात
भीलवाड़ा पुलिस व प्रशासन की तरफ से कलक्ट्रेट में किए गए तलाशी अभियान को लेकर अलग-अलग बयान जारी हुए। ऐसे में शहर में सोशल मीडिया से लेकर आमजन के बीच मॉक ड्रिल व बम की सूचना को लेकर अटकलों का दौर बना रहा। दोपहर में एएसपी पारस जैन ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को मॉक ड्रिल का हिस्सा बताया। जबकि शाम को जिला कलक्टर संधू का बयान सामने आया कि यह मॉक ड्रिल नहीं वरन भीलवाड़ा कलक्ट्रेट को बम से उड़ा देने की धमकी के बाद पुलिस व प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था परखने की संयुक्त कार्रवाई थी। इधर, मॉक ड्रिल का हिस्सा मानते हुए पुलिस कर्मियों ने भी बम की तलाश को लेकर जीवन रक्षक उपकरणों का उपयोग नहीं किया।