शहर के दो भागों को जोडऩे वाला एकमात्र ओवरब्रिज राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। ब्रिज पर दो दर्जन से अधिक गहरे और लंबे गड्ढे कभी भी जानलेवा साबित हो सकते है। मंगलवार को यहां एसएन कॉलेज की ओर वाले छोर पर ब्रिज के बीचोबीच गहरे गड्ढे में निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर की बाइक फिसल गई। नेता प्रतिपक्ष बाइक से नीचे गिरे तो वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान ब्रिज पर भारी जाम लग गया। यातायात पुलिस ने समझाइश देकर मुल्लू राठौर को हटाया।
यह पहली बार नहीं है जब ओवरब्रिज के गड्ढे पर कोई दुर्घटना हुई हो। इसके पूर्व भी कई बार ओवरब्रिज के गड्ढों की वजह से लोग हादसों का शिकार होते रहे। ब्रिज के गड्ढे आजकल के नहीं बल्कि वर्षों से नासूर बने हुए है। जिम्मेदार जनप्रतिनिधि, अधिकारी भी रोज यहां से गुजरते है, लेकिन लग्जरी कारों में न गड्ढे नजर आते है, न दचके लगते है। लगातार लोगों का विरोध भी ब्रिज के गड्ढों को लेकर उभरता है, लेकिन नक्कार खाने की तूंती साबित होता है। करीब एक साल पहले 26 जुलाई 2024 को कांग्रेस ने ओवरब्रिज पर प्रदर्शन किया था। तब तत्कालीन कलेक्टर अनूप कुमार सिंह भी ब्रिज से गुजर रहे थे, तो उन्हें भी रोका था। कलेक्टर ने कहा था कि तीन माह में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन आजक तक नहीं हुआ।
नेता प्रतिपक्ष गिरे तो हुआ ध्यानाकर्षण
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर के गिरने पर हुए हंगामे और प्रदर्शन के बाद प्रशासन का ध्यान भी इस ओर आकर्षित हुआ है। पुल पर धरना प्रदर्शन के बाद मुल्लू राठौर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर ऋषव गुप्ता को आवेदन देकर ओवरब्रिज पर गड्ढों के कारण हो रही दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही नगर निगम, रेलवे, संबंधित विभाग पर दंडात्मक कार्रवाई कर तत्काल ब्रिज के गड्ढे भरने की मांग की। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने तुरंत ही एमपीआरडीसी के अधिकारी को फोन लगाकर ब्रिज के गड्ढों का स्थाई हल निकालने के निर्देश दिए।