इंदौर. नगर निगम में मस्टर कर्मी से उद्यान विभाग प्रभारी बने चेतन पाटिल के पास उसकी आय से 175 प्रतिशत अधिक सम्पत्ति मिली है। यह सम्पत्ति उसने निगम में 20 साल में नौकरी के दौरान काली कमाई कर जुटाई। मस्टरकर्मी के तौर पर भर्ती हुए पाटिल ने इन 20 वर्षों में करीब 15 से 17 लाख रुपए वेतन निगम से प्राप्त किया और उसके पास 1.85 करोड़ की सम्पत्ति मिली है। यह खुलासा मंगलवार को ईओडब्ल्यू की छापामार कार्रवाई में हुआ। काली कमाई का यह आंकड़ा अभी और भी बढऩे की संभावना है। वहीं पौधा खरीदी सहित अन्य आर्थिक अनियमितताओं के मामलों का भी जल्द खुलासा हो सकता है।
दरअसल ईओडब्ल्यू की दो टीमों ने मंगलवार को पाटिल के घर और दफ्तर पर छापा मारा। ईओडब्ल्यू को आय से अधिक सम्पति होने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच में प्रमाणित हुआ था कि पाटिल ने निगम में रहकर कई तरह के घोटाले और भ्रष्टाचार किया है। टीम ने सोमवार को कोर्ट की प्रक्रिया का पालन कर सर्च वारंट प्राप्त किया और मंगलवार सुबह घर-दफ्तर पर छापामार कार्रवाई की। टीम सबसे पहले सुबह 5 बजे पाटिल के गुलमोहर कॉलोनी स्थित घर पहुंची। यहां से नगदी, आभूषण, बीमा पालिसी, बैंक लॉकर, जमीन और मकान संबंधित दस्तावेज मिले। दूसरी टीम ने 9 बजे निगम मुख्यालय स्थित उद्यान विभाग के दफ्तर पर छापा मारा और उसे सील कर दिया। बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिया। दोपहर बाद पाटिल की मौजूदगी में दफ्तर से दस्तावेज और फाइलों को जब्त कर लिया। इन फाइल में भी बड़े तौर पर आर्थिक अनियमितताएं होने के प्रमाण मिलने की आशंका है।