भाद्रपद शुक्ल विनायकी चतुर्थी पर कई शुभ योग बन रहे है, जिसमें की गई पूजा अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होगी। इस दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए। मां शीतला संस्कृत पाठशाला गुरुकुल के आचार्य अंकित मार्कण्डेय ने बताया कि बुधवार को चतुर्थी के दिन चित्रा नक्षत्र, शुभ शुक्ल योग में घर घर विराजेंगे विघ्नहर्ता श्री गणेश। बड़े गणेश पंडालों में प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
गणेश जी की स्थापना के शुभ मुहूर्त में
वृश्चिक लग्न
दोपहर 12 से 2.15 बजे तक
सुबह 6.6 से 7.41 बजे तक
सुबह 7.41 से 9.16 बजे तक
सुबह 10.51 से दोप. 12.26 बजे तक
दोपहर 3.36 से शाम 5.11 बजे तक
शाम 5.11 से 6.46 बजे तक
रात्रि 8.11 से 9.36 बजे तक
रात्रि 9.36 से 11.01 बजे तक
रात्रि 11.1 से 12.26 बजे तक